Edited By Tania pathak,Updated: 25 Sep, 2021 10:24 AM

पहले मुख्यमंत्री बनाने और अब मंत्रिमंडल के गठन में उलझी पंजाब सरकार एक और परेशानी में है। राज्य में वी.आई.पी. कल्चर समाप्त करने के प्रयासों में लगी चरणजीत सिंह चन्नी की....
जालंधर (एन.मोहन) : पहले मुख्यमंत्री बनाने और अब मंत्रिमंडल के गठन में उलझी पंजाब सरकार एक और परेशानी में है। राज्य में वी.आई.पी. कल्चर समाप्त करने के प्रयासों में लगी चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार में अब उप मुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी ने सरकार के आगे मुख्यमंत्री जैसी सुविधाओं की मांग रख दी है। सोनी ने अपने सचिव के माध्यम से राज्य के आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) विभाग को कहा कि उप मुख्यमंत्री को भी रिहायश और कार्यालय के लिए मुख्यमंत्री के समांनातर ही सुविधाएं दी जाएं।
राज्य में पहली बार किसी सरकार में 2 उप मुख्यमंत्री बने हैं। अमूमन संविधान में उप मुख्यमंत्री नाम का कोई पद नहीं होता कैबिनेट मंत्री का ही पद होता है, लेकिन मुख्यमंत्री ने किसी मंत्री को विशेष स्थान और महत्व देने के लिए उप मुख्यमंत्री के पद का सृजन किया होता है। ऐसे उप मुख्यमंत्रियों को वास्तव में वरिष्ठ मंत्री का दर्जा ही प्राप्त होता है और उनके पास महत्वपूर्ण विभाग गृह अथवा वित्त विभाग होते हैं।
पंजाब में कांग्रेस की सरकार में राजिंदर कौर और उसके बाद अकाली सरकार में सुखबीर सिंह बादल को उप मुख्यमंत्री पद दिया हुआ था। परन्तु उन्हें सुविधाएं मुख्यमंत्री के समान ही दी जा रही थीं। इसी बात को आधार बनाकर उप मुख्यमंत्री ओ.पी. सोनी ने भी अपने लिए मुख्यमंत्री जैसी सुविधाएं मांगी हैं। उप मुख्यमंत्री के सचिव हरबंस सिंह द्वारा राज्य के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में उप मुख्यमंत्री सोनी की इच्छा को प्रकट करते हुए लिखा गया है कि उप मुख्यमंत्री ऐसा चाहते हैं कि उन्हें आतिथ्य विभाग मुख्यमंत्री जैसी सुविधाएं दे। उल्लेखनीय है कि देश में आंध्र प्रदेश एक ऐसा राज्य है जहां 5 उप मुख्यमंत्री हैं, जबकि बिहार, गोवा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 2-2 उप मुख्यमंत्री हैं।
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