Edited By Sunita sarangal,Updated: 03 Oct, 2025 06:15 PM

इस दौरान उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी वर्करों को आंगनबाड़ी योजना के तहत विभाग में रैगुलर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए
श्री मुक्तसर साहिब(तनेजा, खुराना): हरगोबिंद कौर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आंगनबाड़ी एम्प्लॉइज फैडरेशन ऑफ इंडिया ने बताया कि आई.सी.डी.एस. योजना शुरू हुए 2 अक्तूबर को पूरे 50 साल हो गए हैं। लेकिन बेहद दुख की बात है कि भारत में काम कर रहे 28 लाख वर्करों और हैल्परों को केंद्र सरकार बिल्कुल ही अनदेखा कर रही है।
आंगनबाड़ी वर्करों को केवल 4500 रुपए और हैल्परों को 2200 रुपए प्रतिमाह देकर काम लिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने पिछले 8 सालों में आंगनबाड़ी वर्करों और हैल्परों के मानभत्ते में एक भी रुपए की बढ़ोतरी नहीं की, जबकि महंगाई और काम कई गुना बढ़ गया है। आंगनबाड़ी वर्कर हर समय पोशन ट्रैक ऐप पर नए-नए काम कर रहे हैं, लेकिन मानभत्ते में कोई वृद्धि नहीं हुई, जिससे वर्करों और हैल्परों में बहुत निराशा और बेचैनी है।
इस केंद्र सरकार के खिलाफ आंगनबाड़ी एम्प्लॉइज फैडरेशन ऑफ इंडिया पूरे भारत में सांसदों के घरों के सामने विरोध प्रदर्शन करेगा और उन्हें मांग पत्र सौंपेगा और मांग की जाएगी कि आंगनबाड़ी वर्करों और हैल्परों की मांग संसद में उठाई जाए। इस दौरान उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी वर्करों को आंगनबाड़ी योजना के तहत विभाग में रैगुलर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, साथ ही आंगनबाड़ी वर्करों को प्री-नर्सरी टीचर का दर्जा दिया जाए, आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले भोजन को पैकेट में बंद करने की बजाए ताजा भोजन बच्चों को दिया जाए।
इन सभी मांगों को लेकर 5 अक्तूबर से ऑल पंजाब आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन द्वारा सांसदों के घरों के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें पंजाब की आंगनबाड़ी वर्कर और हैल्पर बड़ी संख्या में भाग लेगी।
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