Edited By Kalash,Updated: 12 Feb, 2026 06:14 PM

मलोट के पास एक आदर्श स्कूल की महिला लेक्चरर ने नशीली गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की।
मलोट (जुनेजा, गोयल): मलोट के पास एक आदर्श स्कूल की महिला लेक्चरर ने नशीली गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे मलोट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला लेक्चरर ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रिंसिपल उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रही है। हालांकि प्रिंसिपल ने महिला लेक्चरर के आरोपों को गलत बताया है, लेकिन उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रिंसिपल के स्कूल में आने के बाद से स्टाफ में तनाव का माहौल है। इस बारे में अस्पताल में भर्ती पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत आने वाले सरदारनी सुरिंदर कौर बादल आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल ईना खेड़ा की पंजाबी लेक्चरर संदीप कौर ने कहा कि वह पिछले 9 सालों से स्कूल में रेगुलर पंजाबी लेक्चरर के तौर पर काम कर रही है। प्रिंसिपल जगजीत कौर के स्कूल का चार्ज संभालने के दौरान स्कूल में तनाव का माहौल रहता है।
प्रिंसिपल लगातार उसके समेत स्टाफ को गलत तरीके से परेशान कर रही है। जिसके कारण करीब 8 कर्मचारी पहले ही स्कूल छोड़ चुके हैं। प्रिंसिपल उनके चरित्र और परवरिश पर सवाल उठाती हैं और ई.सी.आर. खराब करने की धमकी देती हैं। उन्हें बार-बार ऑफिस बुलाकर सफाई मांगी जाती है और लिखकर सफाई मिलने के बाद फाड़ दी जाती है या फेंक दिया जाता है। स्टाफ की बेइज्जती करने के कारण उन्हें ऑफिस से निकाल दिया जाता है। कल भी जब मैडम ने उनकी बेइज्जती की तो उन्होंने प्रिंसिपल से कहा कि वे बार-बार की बेइज्जती और बोझ नहीं झेल सकते, इसलिए उन्हें मरने के लिए मजबूर न किया जाए। जिस पर प्रिंसिपल ने उन्हें गोलियां दीं और खाने को कहा, जिसके बाद उन्होंने सारी गोलियां खा लीं और उनकी हालत बिगड़ गई।
इस बीच प्रिंसिपल जगजीत कौर ने स्कूल लेक्चरर के लगाए आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि स्कूल की हेड होने के नाते उन्हें स्टाफ से काम करवाना ही पड़ता है। अगर कोई स्टाफ मेंबर कहता है कि काम बोझ है, तो यह उनकी सोच है। मेरा मकसद काम करवाना है, लेकिन अगर कोई उन पर दबाव डालकर माहौल खराब करता है तो वे इस बारे में ऊपर के अधिकारियों को बताएंगी। स्कूल से पहले चले गए स्टाफ मेंबर्स के बारे में उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल ने उन्हें भी ज्वाइन करने से पहले रखा था, लेकिन उन्होंने भी काम नहीं किया। इसलिए वे चले गए। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले स्कूल के स्टूडेंट्स ने प्रिंसिपल द्वारा स्टूडेंट्स से जबरदस्ती टूर लिए जाने के मुद्दे पर हड़ताल भी की थी।
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