आखिर क्या है कैप्टन के वफादारों को कैबिनेट में शामिल करने के पीछे का राज

Edited By Sunita sarangal,Updated: 27 Sep, 2021 12:22 PM

what is the secret of including captain s loyalists in the cabinet

पंजाब कैबिनेट की बनावट पर चरणजीत चन्नी व नवजोत सिद्धू का कंट्रोल होने की बात कही जा रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के तख्ता पलट में सिद्धू के साथ चन्नी की अहम भूमिका रही है।

लुधियाना (हितेश): पंजाब कैबिनेट की बनावट पर चरणजीत चन्नी व नवजोत सिद्धू का कंट्रोल होने की बात कही जा रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के तख्ता पलट में सिद्धू के साथ चन्नी की अहम भूमिका रही है। उन्होंने स्टेंड लेकर कैप्टन के करीबी मंत्रियों राणा सोढ़ी, साधु सिंह धर्मसोत, बलबीर सिद्धू, गुरप्रीत कांगड व सुंदर शाम अरोड़ा की छंटनी करवा दी है। उसके बावजूद कैप्टन के वफादारों को मंत्री बनाने के फैसले को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कैबिनेट में ओ पी सोनी, ब्रह्म महिंद्रा, भारत भूषण आशु, विजय इंद्र सिंगला को एंट्री मिल गई है। इसके पीछे भले ही हाईकमान की सिफारिश होने की चर्चा सुनने को मिल रही है पर राणा गुरजीत, राज कुमार वेरका, गुरकीरत कोटली को मंत्री बनाने का फैसला किसी के गले नहीं उतर रहा। इसे कैप्टन द्वारा दी जा रही बगावत की चेतावनी की हवा निकालने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। कैप्टन से अलग होकर जो नए मंत्री बनाए गए हैं उन्हें विधायकों के ग्रुप का समर्थन हासिल है जिसमें कोटली के साथ एम पी रवनीत बिट्टू, विधायक लखवीर सिंह पायल, नवतेज चीमा, गुरप्रीत जी पी, सुखपाल भूललर जुड़े हुए हैं जबकि रमणजीत सिक्की, लाडी शेरोवालिया को राणा गुरजीत के ग्रुप के रूप में देखा जाता है।
 

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