Edited By Urmila,Updated: 07 Jan, 2026 09:23 AM

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से दो साल पहले राजनीतिक माहौल तीखे टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा है।
मानसा/चंडीगढ़ (संदीप मित्तल) : पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से दो साल पहले राजनीतिक माहौल तीखे टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजा वड़िंग ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को बिना किसी झिझक के खुली चुनौती दी है और कहा है कि वे आने वाले विधानसभा चुनाव दो सीटों से नहीं, बल्कि सिर्फ एक गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट से लड़ें।
राजा वड़िंग ने कहा कि अगर सुखबीर बादल गिद्दड़बाहा से मैदान में उतरते हैं तो वह खुद उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगे और लोगों के समर्थन से यह सीट जीतकर कांग्रेस की झोली में डालेंगे। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग अकाली दल की नीतियों से पूरी तरह तंग आ चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सुखबीर बादल हमेशा सुरक्षित सीटों की तलाश में रहे हैं लेकिन अब समय आ गया है कि वह अपनी लोकप्रियता का असली इम्तिहान दें। अगर वह खुद को लोगों का लीडर मानते हैं, तो उन्हें गिद्दड़बाहा से अकेले चुनाव लड़ना चाहिए।
राजा वड़िंग ने अकाली दल लीडरशिप पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि अकाली सरकारों के दौरान पंजाब ड्रग्स, बेरोजगारी और कर्ज के दलदल में धकेल दिया गया। उन्होंने कहा कि अकाली दल अभी भी अपने पिछले कामों का जवाब देने से बच रहा है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सुखबीर सिंह बादल ने ऐलान किया था कि वह गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। इस ऐलान के बाद राजा वड़िंग की यह खुली चुनौती पंजाब की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और अकाली दल के बीच सीधी, निर्णायक टक्कर का संकेत है। आखिर में राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब की मौजूदा सरकार से लोगों का भी मोहभंग हो चुका है। जबकि अकाली और BJP के पास खोने के लिए कुछ नहीं है, उन्होंने दावा किया कि पंजाब कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से अपनी सरकार बनाएगी।
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