Edited By Urmila,Updated: 18 Apr, 2026 10:19 AM

पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा 19 अप्रैल को आयोजित की जा रही टैट परीक्षा के लिए जिला स्तर की बजाय चंडीगढ़ में सेंटर बनाए जाने से पूरे पंजाब के शिक्षकों में भारी नाराजगी और तनाव देखने को मिल रहा है।
लुधियाना (विक्की): पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा 19 अप्रैल को आयोजित की जा रही टैट परीक्षा के लिए जिला स्तर की बजाय चंडीगढ़ में सेंटर बनाए जाने से पूरे पंजाब के शिक्षकों में भारी नाराजगी और तनाव देखने को मिल रहा है। ऊपर से सुबह 7.30 बजे रिपोर्टिंग का आदेश जारी होने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
ई.टी.टी. शिक्षक यूनियन पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर सिंह सिद्धू ने इस फैसले को तानाशाही करार देते हुए कहा कि पहले ही सरकार की नीतियों से शिक्षक वर्ग परेशान था, अब इस आदेश ने उनका सब्र तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर, तरनतारन जैसे सीमावर्ती जिलों से शिक्षक इतनी सुबह चंडीगढ़ कैसे पहुंचेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस दौरान किसी भी शिक्षक को नुकसान होता है तो सरकार खुद जिम्मेदार होगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को शिक्षा मंत्री के सामने भी उठाया गया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यूनियन नेताओं का कहना है कि परीक्षा वाले दिन चंडीगढ़ में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है और कई अप्रिय घटनाएं भी हो सकती हैं। वहीं, कई शिक्षकों के एक ही दिन में 2-2 पेपर होने के कारण उन्हें एक दिन पहले और बाद में भी यात्रा करनी पड़ेगी जिससे स्कूलों का कामकाज भी प्रभावित होगा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जा सकता है।
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