Edited By Urmila,Updated: 07 Apr, 2026 01:44 PM

मेयर इंद्रजीत कौर ने मंगलवार को एक्शन मोड में नजर आते हुए नगर निगम के जोन-B दफ्तर स्थित सुविधा केंद्र पर औचक छापेमारी की।
लुधियाना (राज) : मेयर इंद्रजीत कौर ने मंगलवार को एक्शन मोड में नजर आते हुए नगर निगम के जोन-B दफ्तर स्थित सुविधा केंद्र पर औचक छापेमारी की। मेयर की इस अचानक हुई 'रेड' से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। जब मेयर बेसमेंट में बने सुविधा केंद्र पहुंचीं, तो वहां का नजारा देख वह दंग रह गईं। भारी भीड़ के बीच अधिकांश काउंटर खाली पड़े थे और जनता अपनी बारी के लिए धक्के खाने को मजबूर थी। पूरी जांच के दौरान पता चला कि इतने बड़े सेंटर में सिर्फ 2 कर्मचारी ही मोर्चा संभाले हुए थे, जबकि बाकी कुर्सियां खाली चीख-चीख कर अव्यवस्था की कहानी बयां कर रही थीं।
मेयर ने तुरंत हाजिरी रजिस्टर खंगाला और मौके पर जोनल कमिश्नर नीरज जैन को तलब कर लिया। इस दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब जोनल कमिश्नर ने मेयर को स्पष्ट किया कि यह सुविधा केंद्र तकनीकी रूप से नगर निगम का नहीं, बल्कि जिला प्रशासन (DC दफ्तर) के अधीन आता है और निगम ने केवल जगह मुहैया करवाई है। हालांकि, मेयर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जनता को इस बात से सरोकार नहीं है कि विभाग किसका है, उन्हें नगर निगम की इमारत में बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने सुपरवाइजर को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि अगर कर्मचारियों की कमी है, तो तुरंत अपने उच्चाधिकारियों से तालमेल कर स्टाफ पूरा किया जाए।
सुविधा केंद्र में मौजूद पब्लिक ने भी मेयर के सामने दुखों का पिटारा खोल दिया। लोगों का आरोप था कि यहां घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है क्योंकि ज्यादातर काउंटर खाली रहते हैं। कुछ नागरिकों ने यह भी शिकायत की कि जो कर्मचारी तैनात हैं, वे अनुभवहीन हैं, जिससे काम की रफ्तार बेहद सुस्त है। मेयर इंद्रजीत कौर ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक स्टाफ की कमी दूर नहीं होती, तब तक यहां 'टोकन और स्लॉट सिस्टम' लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि आवेदकों को समय बता दिया जाए ताकि उन्हें बेमतलब की भीड़ का हिस्सा न बनना पड़े। मेयर ने साफ किया कि पब्लिक की परेशानी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी चेकिंग जारी रहेगी।
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