Edited By Urmila,Updated: 04 Apr, 2026 01:26 PM
पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, माफियावाद और बढ़ती रंगदारी के मामलों को लेकर अमृतसर में आज एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया।
अमृतसर/चंडीगढ़ (रमन) : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने शनिवार को अमृतसर के हॉल गेट पर आयोजित विशाल रोष प्रदर्शन में भगवंत मान–अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला।
चुघ ने आरोप लगाया कि AAP सरकार चुनावी लाभ के लिए पंजाब में डर और अस्थिरता का माहौल बनाने हेतु राष्ट्र-विरोधी तत्वों के साथ मिलकर साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि 2014 में भी अरविंद केजरीवाल पर ऐसे तत्वों से मिलीभगत के आरोप लगे थे और आज वही पैटर्न पंजाब में दोहराया जा रहा है।
चुघ ने कहा कि पंजाब में AAP के मंत्री और नेताओं ने अपने घरों को वसूलीखोरी के “टॉर्चर सेंटर” बना रखा है, जहां आम लोगों को डराया, धमकाया और अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सत्ता का खुला दुरुपयोग हो रहा है, जिससे पूरे पंजाब में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। पंजाब की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए चुघ ने केंद्र सरकार से अपील की कि राज्य की स्थिति पर विशेष और सतत निगरानी रखी जाए।

हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए चुघ ने कहा कि पुलिस थानों पर लगातार ग्रेनेड हमले, होशियारपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की बेअदबी और चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय पर हुआ हमला — ये सभी घटनाएं पंजाब में शांति और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार गैंगस्टरों, अपराधियों और माफिया तत्वों को खुला संरक्षण दे रही है, जिसके कारण राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

डीएम गगनदीप सिंह रंधावा मामले का उल्लेख करते हुए चुघ ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की और पूर्व मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर को जेल में मिल रही कथित वीआईपी सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए। चुघ ने कहा, “एक आरोपी को जेल में वीआईपी सुविधाएं क्यों दी जा रही हैं? उसका मोबाइल अभी तक जब्त क्यों नहीं किया गया? उसके पिता को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ितों की आवाज दबाने के लिए उनके घरों की बिजली तक काटी जा रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। इस रोष प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
चुघ ने AAP सरकार को “निकम्मी, अहंकारी और तानाशाही” करार देते हुए कहा कि यह सरकार कानून व्यवस्था, दलित सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक विरोध नहीं है, बल्कि पंजाब की अस्मिता, लोकतंत्र और न्याय की रक्षा की निर्णायक लड़ाई है। पंजाब की जनता ने मन बना लिया है कि 2027 में वह इस कुशासन को उखाड़ फेंकेगी और सच्चा ‘स्वराज’ स्थापित करेगी।”
भारतीय जनता पार्टी ने आज डीएम गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार के लिए इंसाफ की मांग करते हुए अमृतसर में राज्य स्तरीय धरना दिया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की। इस धरने का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने किया। उनके साथ राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा तथा रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू समेत पूरी लीडरशिप उपस्थित थी। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू, प्रदेश महासचिव व जोनल इंचार्ज राकेश राठौर, डॉ. जगमोहन सिंह राजू (पूर्व आईएएस), दयाल सिंह सोढ़ी, विधायक जंगी महाजन, पूर्व सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक, पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद, अमृतसर ग्रामीण-1 जिला अध्यक्ष अमरपाल सिंह बोनी अजनाला, सुखमिंदर सिंह पिंटू, डॉ. राम चावला, हरजिंदर सिंह ठेकेदार, कुमार अमित, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष पार्षद गौरव गिल, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष कवलजीत सिंह सन्नी आदि के साथ प्रदेश व जिला नेतृत्व व कार्यकर्ता मौजूद थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पार्टी यह आंदोलन तब तक जारी रखेगी जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि गगनदीप सिंह रंधावा के साथ जो हुआ, वह किसी के साथ भी हो सकता है, इसलिए हर पंजाबी इस लड़ाई का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों को, जिनमें मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर भी शामिल हैं, सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार के भारी दबाव के बावजूद डटे रहने के लिए परिवार के साहस को सलाम किया।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने परिवार की बिजली काटी थी, उसकी पुलिस हिरासत में मौत ने मामले को और पेचीदा बना दिया है और सच्चाई सामने लाने के लिए केवल सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री द्वारा कथित रूप से वसूली के जरिए इकट्ठा किया गया पैसा कहां भेजा जा रहा था, यह भी जांच में सामने आना चाहिए।
जाखड़ ने कहा कि तरनतारन जिले की एक महिला से जुड़े एक अन्य मारपीट के मामले में आप विधायक को समझौते के जरिए बचा लिया गया और सरकार इस मामले में भी ऐसा ही करने की कोशिश कर रही है। लेकिन उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इसे कभी नहीं होने देंगे।
सुनील जाखड ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं “समझौता किए हुए” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब भगवंत मान नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल चला रहे हैं और भगवंत मान केवल “नाममात्र के मुख्यमंत्री” हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने तय कर लिया है कि पंजाब पर पंजाबियों का ही शासन होगा और बाहरी लोगों को राज्य का शोषण नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने सरकार पर लोगों की आवाज न सुनने का भी आरोप लगाया।
भाजपा दफ्तर पर हुए हमले का जिक्र करते हुए जाखड़ ने कहा कि ऐसी घटनाएं भाजपा को डराने वाली नहीं हैं और पार्टी अपनी लड़ाई जारी रखेगी ताकि किसी काबिल अधिकारी के हत्यारे बच न सकें, किसी बेगुनाह को फर्जी मुठभेड़ों में न मारा जाए और लोगों को न्याय मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री के रोजगार संबंधी दावों पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि इस सरकार के दौरान कितने युवाओं को गैंगस्टर नेटवर्क की ओर धकेला गया है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जाखड़ ने राहुल गांधी से सवाल किया कि जो सांसद सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, क्या वे देशद्रोही हैं या वे जो मुख्यमंत्री के आगे झुककर ऐसे पत्रों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री के आगे झुक गया है और मुख्यमंत्री केजरीवाल के आगे।
उन्होंने अंत में कहा कि राजनीतिक नेता भले झुक जाएं, लेकिन पंजाब कभी नहीं झुकता — वह न्याय लेना जानता है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस बात को याद रख रहा है कि इस न्याय की लड़ाई में कौन उसके साथ खड़ा है और कौन नहीं।
सुनील जाखड़ ने कहा कि पार्टी गगनदीप रंधावा मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर मोर्चे पर लड़ेगी और सभी सांसदों और विधायकों से अपील करेगी कि वे सीबीआई जांच की मांग करते हुए पत्र लिखें।
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