Edited By Sunita sarangal,Updated: 28 May, 2026 05:56 PM

रात होते ही इलाके की सड़कों पर मातम जैसा अंधेरा छा जाता है, जिसके कारण स्थानीय लोग हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं।
अमृतसर(रमन) : हलका दक्षिणी के अंतर्गत आने वाले गांव सुल्तानविंड और नहर तक स्ट्रीट लाइटें बंद हुए लगभग दो महीने से अधिक समय बीत चुका है जिसके कारण पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है। इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद नगर निगम अधिकारियों द्वारा इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
रात होते ही इलाके की सड़कों पर मातम जैसा अंधेरा छा जाता है, जिसके कारण स्थानीय लोग हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर हैं। इलाके के निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि अंधेरी सड़कों के कारण लूटपाट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। देर रात घर लौटने वाले नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं और बुजुर्गों में हमेशा डर का माहौल बना रहता है। लोगों का कहना है कि ये अंधेरी सड़कें निगम अधिकारियों की नाकामी और लापरवाही की जीती-जागती मिसाल हैं।
तार चोरी होने के कारण बंद हुई लाइटें
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले इलाके से बिजली की तारें चोरी हो जाने के कारण स्ट्रीट लाइटें बंद हो गई थीं। अफसोस की बात यह है कि दो महीने बीत जाने के बाद भी निगम द्वारा न तो नई तारें डाली गई हैं और न ही लाइटों को चालू करने की कोई कोशिश की गई है। लोगों का कहना है कि यह अब कोई आम समस्या नहीं रह गई बल्कि जनता की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मुद्दा बन चुका है।
अधिकारियों का रटा-रटाया जवाब : “जब टेंडर होगा, तब लाइटें जलेंगी”
जब इस संबंध में स्ट्रीट लाइट विभाग के एस.डी.ओ. सुरिंदर सिंह से फोन पर बात की गई तो उन्होंने दो महीने पुराना बयान ही दोहराते हुए कहा कि “तारें चोरी हो चुकी हैं और इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।” जब उनसे पूछा गया कि आखिर ये लाइटें कब तक ठीक होंगी तो एस.डी.ओ. का गैर-जिम्मेदाराना जवाब था, “जब टेंडर पास होगा, तभी लाइटें चालू की जाएंगी।”
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