Edited By Subhash Kapoor,Updated: 13 Sep, 2026 11:08 PM

एक दिन पहले एक्सपायर हो चुकी थम्स अप की बोतल बेचने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने विशाल मेगा मार्ट को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है। आयोग ने मार्ट को शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा व मुकदमा खर्च के...
लुधियाना (मेहरा) : एक दिन पहले एक्सपायर हो चुकी थम्स अप की बोतल बेचने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने विशाल मेगा मार्ट को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है। आयोग ने मार्ट को शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा व मुकदमा खर्च के तौर पर अदा करने तथा थम्स अप की 69.30 रुपये कीमत वापस करने के आदेश दिए हैं।
आयोग के अध्यक्ष संजीव बत्रा और सदस्य मोनिका भगत की पीठ ने यह फैसला जसोवाल निवासी राजदीप कौर की शिकायत पर सुनाया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने 30 जुलाई 2025 को मुख्य धांदरा रोड स्थित विशाल मेगा मार्ट से अन्य सामान के साथ 69.30 रुपये की थम्स अप खरीदी थी। कुल 116.05 रुपये का बिल अदा किया गया। घर पहुंचने पर बोतल की जांच करने पर पता चला कि उसकी अंतिम उपयोग तिथि 29 जुलाई 2025 थी, यानी बिक्री के समय पेय पदार्थ एक दिन पहले ही एक्सपायर हो चुका था।
मामला मार्ट के संज्ञान में लाने के बावजूद कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 10 जनवरी 2026 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन उसका भी जवाब नहीं दिया गया। इसके चलते उसने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर कर दो लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
मार्ट ने आरोपों से इनकार करते हुए दलील दी कि खरीद बिल से यह साबित नहीं होता कि तस्वीर में दिखाई गई एक्सपायर बोतल उसी लेन-देन में खरीदी गई थी। आयोग ने हालांकि इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
पीठ ने कहा कि मार्ट की ओर से मजबूत स्टॉक एवं बिलिंग व्यवस्था होने का दावा किया गया, लेकिन संबंधित उत्पाद का बैच नंबर, निर्माण तिथि तथा एक्सपायरी से संबंधित रिकॉर्ड आयोग के समक्ष पेश नहीं किया गया। आयोग ने माना कि उपभोक्ता को सुरक्षित वस्तु उपलब्ध करवाना विक्रेता की जिम्मेदारी है और एक्सपायर उत्पाद की बिक्री से उपभोक्ता के इस अधिकार का उल्लंघन हुआ।
आयोग ने मार्ट को 30 दिनों के भीतर 69.30 रुपये वापस करने का आदेश दिया है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं करने पर 200 रुपये प्रतिदिन की दर से अतिरिक्त राशि देनी होगी, जिसकी अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये होगी।
इसके साथ ही आयोग ने विशाल मेगा मार्ट को भविष्य में एक्सपायर उत्पादों को बिक्री के लिए रखने अथवा प्रदर्शित करने से रोकने के निर्देश भी दिए हैं।