Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Sep, 2026 07:14 PM

मोहाली के चर्चित सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े करीब 348 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन घोटाले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा 7 सितंबर को भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के...
जालंधर : मोहाली के चर्चित सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े करीब 348 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन घोटाले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और मौजूदा अतिरिक्त सचिव अनुराग वर्मा 7 सितंबर को भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय में पेश नहीं हुए। ED ने उन्हें मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों को लेकर पूछताछ के लिए तलब किया था। यह दूसरी बार है जब वर्मा तय तारीख पर ED के सामने पेश नहीं हुए हैं।
इससे पहले 31 अगस्त को भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उस समय उन्होंने जरूरी दस्तावेज जुटाने के लिए समय मांगा था। इसके बाद ED ने उन्हें 7 सितंबर की तारीख दी थी, लेकिन इस बार भी उनकी पेशी नहीं हो सकी। अब ED ने उन्हें नया समन जारी करते हुए 9 सितंबर को पेश होने के लिए कहा है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि अगली तारीख पर वर्मा जांच एजेंसी के सामने पेश होते हैं या नहीं।
वहीं, इसी मामले में एक अन्य वरिष्ठ IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ भी ED की जांच के दायरे में हैं। बराड़ 18 अगस्त को अपना बयान दर्ज करा चुकी हैं और इसके बाद उन्हें 27 अगस्त को दोबारा समन भेजा गया था। फिलहाल ED की जांच में अधिकारियों की भूमिका और मामले से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल जारी है।