Edited By Subhash Kapoor,Updated: 05 Sep, 2026 07:36 PM

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्यसभा सांसद तरुण चुघ द्वारा दायर शिकायत का संज्ञान लिया है। शिकायत में पंजाब पुलिस के कर्मचारियों पर एक पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों के साथ हिरासत के दौरान मारपीट, यातना और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के...
जालंधर : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्यसभा सांसद तरुण चुघ द्वारा दायर शिकायत का संज्ञान लिया है। शिकायत में पंजाब पुलिस के कर्मचारियों पर एक पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों के साथ हिरासत के दौरान मारपीट, यातना और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, पीड़ित पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के सुनाम के गांव शेरों में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाकर विरोध कर रहा था। इसके बाद कथित तौर पर उसे पुलिस हिरासत में ले लिया गया।
इस मामले पर NHRC की पीठ, जिसकी अध्यक्षता माननीय सदस्य प्रियंक कानूनगो ने की, ने पंजाब के मुख्य सचिव, डीजीपी, संगरूर के एसपी और जिला मजिस्ट्रेट को तत्काल जांच करने और दो सप्ताह के भीतर बिंदुवार Action Taken Report (ATR) पेश करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने पीड़ित का तत्काल मेडिको-लीगल परीक्षण कराने के साथ संबंधित पुलिस परिसर की पूरी और बिना एडिट की गई CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इसकी प्रमाणित कॉपी पेन ड्राइव में जमा कराने को कहा गया है।
अधिकारियों को FIR और हिरासत से जुड़े रिकॉर्ड, गिरफ्तारी/पूछताछ से जुड़े सभी पुलिस कर्मचारियों का विवरण तथा पीड़ित के परिवार के सदस्यों से संबंधित आरोपों पर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा आयोग ने घटना से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, पुलिस रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित कर संरक्षित रखने को कहा है।