Edited By Kalash,Updated: 01 Jun, 2026 02:10 PM

पंजाब-हरियाणा के हिमाचल बॉर्डर पर 55 जगहों पर एंट्री टैक्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।
रोपड़ (करन): पंजाब-हरियाणा के हिमाचल बॉर्डर पर 55 जगहों पर एंट्री टैक्स के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। रोपड़-ढेरोवाल बैरियर पर विभिन्न जत्थेबंदियों द्वारा रोष प्रदर्शन किया जा रहा है, जिनमें टैक्सी यूनियन, ट्रक यूनियन और अलग-अलग किसान यूनियन द्वारा ये विरोध प्रदर्शन हिमाचल एंट्री टैक्स के रोष के रूप में किया जा रहा है। यह प्रदर्शन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इस दौरान कोई भी गाड़ी हिमाचल में एंट्री नहीं कर सकती। सिर्फ इमरजेंसी सर्विस वाले वाहनों को ही आने-जाने दिया जा रहा है।
किसान संगठनों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की मुख्य सड़कों को 4 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया है। यह विरोध मुख्य रूप से हिमाचल को पंजाब और हरियाणा से जोड़ने वाली सड़कों पर हो रहा है। 'हिमाचल एंट्री टैक्स विरुद्ध संघर्ष कमेटी' की अगवाही में चल रहे इस आंदोलन को पंजाब मोर्चा, कीर्ति किसान मोर्चा, शेर-ए-पंजाब किसान यूनियन और BKU (बेहरामके) जैसे संगठनों का समर्थन प्राप्त है।
टोल टैक्स पर धरने लगा कर बैठे अलग-अलग नेताओं ने कहा कि हिमाचल सरकार ने जो एंट्री टैक्स लगाया है, वह गैर-कानूनी है, क्योंकि देश देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने के लिए एंट्री देने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि पहले भी धरने दिए गए थे, लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये की वजह से उन्हें आज फिर से धरना देने पर मजबूर होना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि अगर सुक्खू सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो ये धरने लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल और पंजाब के लोगों को आपस में लड़ाना चाहती है, लेकिन हिमाचल और पंजाब दोनों एक दूसरे के भाई हैं। इस धरने की वजह से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here