Edited By Sunita sarangal,Updated: 07 Aug, 2026 02:55 PM

जानकारी के अनुसार अपनी मांगें न माने जाने के कारण पेंशनरों और कर्मचारियों में पंजाब सरकार के प्रति भारी रोष है।
पंजाब डेस्क : पंजाब सरकार के खिलाफ पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर्स सांझा फ्रंट की संयुक्त समन्वय समिति द्वारा आज चंडीगढ़ में महारैली आयोजित की जा रही है। इस रैली में भाग लेने के लिए पूरे राज्य से सभी कर्मचारी-पेंशनर पहुंच रहे हैं। सभी कर्मचारियों ने इस महा रोष रैली में शामिल होने के लिए सामूहिक छुट्टी की है। इसके चलते कई सरकारी दफ्तरों में आज कामकाज ठप है।
वहीं इस समय चंडीगढ़ के सेक्टर-39 में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर इकट्ठा हुए हैं जो राज्य सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मौके पर रैली स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात की गई है।
जानकारी के अनुसार अपनी मांगें न माने जाने के कारण पेंशनरों और कर्मचारियों में पंजाब सरकार के प्रति भारी रोष है। उनका कहना है कि सरकार ने जहां पुरानी पेंशन बहाल नहीं की, वहीं 18 प्रतिशत डी.ए. जारी करने के बजाय उच्च न्यायालय में कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के खिलाफ बड़ी संख्या में वकील खड़े करके उनके साथ अन्याय किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कर्मचारियों के साथ पंगा लेना महंगा पड़ेगा। कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा रहा, बल्कि उनके साथ मारपीट और अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब भर से करीब एक लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनर इस रैली एवं रोष मार्च में शामिल हो रहे हैं।
इस अवसर पर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, महंगाई भत्ते के बकाया एवं लंबित किस्तें जारी करने, 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती किए गए कर्मचारियों पर केंद्र के बजाय पंजाब के वेतनमान लागू करने तथा कच्चे, आउटसोर्स और इनलिस्टेड कर्मचारियों को पक्का करने सहित अन्य मांगों के पक्ष में आवाज बुलंद की जा रही है।
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