Edited By Vatika,Updated: 06 Aug, 2026 09:46 AM

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा महंगाई भत्ता (डी.ए.) मामले में पंजाब सरकार के कर्मचारियों और
चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा महंगाई भत्ता (डी.ए.) मामले में पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पैंशनरों के पक्ष में दिए गए फैसले के बाद कर्मचारियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में 'कैविएट' दायर की गई है। यह 'कैविएट' 5 अगस्त को दायर की गई।
कर्मियों को आशंका है कि पंजाब सरकार हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्पैशल लीव पिटीशन (एस.एल.पी.) दाखिल कर सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने पहले ही यह कानूनी कदम उठाया है। कैविएट एक कानूनी एहतियाती उपाय है, जिसे तब दायर किया जाता है जब किसी पक्ष को आशंका हो कि दूसरा पक्ष उच्च अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि अदालत कोई भी अंतरिम आदेश या स्थगन (स्टे) देने से पहले कैविएट दायर करने वाले पक्ष को सुनवाई का अवसर दे।
यदि पंजाब सरकार डी.ए. मामले में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एस.एल.पी. दायर करती है तो सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों और पैंशनरों का पक्ष सुने बिना सरकार को कोई अंतरिम राहत या स्टे नहीं दे सकेगा। पहले कर्मचारियों को नोटिस जारी किया जाएगा और उनकी दलीलें सुनने के बाद ही अदालत कोई अंतरिम आदेश पारित करेगी। बता दें कि हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी कर पंजाब सरकार को 15 दिन में 8 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों का DA जारी करने के लिए कहा हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि अगर इस महीने के अंत कर कर्मचारियों-पेंशनरों का DA जारी नहीं होता तो 6 प्रतिशत ब्याज देना होगा।