Edited By Subhash Kapoor,Updated: 29 Jul, 2026 09:59 PM

चाइल्ड केयर लीव मंजूर कराने के नाम पर रिश्वत मांगना ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी दफ्तर हाजीपुर के क्लर्क को भारी पड़ गया। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए क्लर्क गगनदीप को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथों हिरासत में...
हाजीपुर (जोशी): चाइल्ड केयर लीव मंजूर कराने के नाम पर रिश्वत मांगना ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी दफ्तर हाजीपुर के क्लर्क को भारी पड़ गया। विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए क्लर्क गगनदीप को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथों हिरासत में ले लिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी पत्नी कुलजीत कौर ब्लॉक हाजीपुर के अधीन आते सरकारी एलिमेंट्री स्कूल, गांव सहौड़ा कंडी में ई.टी.टी. टीचर के पद पर कार्यरत है। उनका मूल निवास जिला मालेरकोटला का गांव सुल्तानपुर है, जो कि मौजूदा तैनाती स्थल से लगभग 250 किलोमीटर दूर है। दंपति की एक 9 महीने की छोटी बच्ची है, जिसकी देखरेख के लिए परिवार फिलहाल गांव नंगल बिहाला में किराए पर रह रहा है। बच्ची की देखभाल के लिए शिक्षिका कुलजीत कौर ने चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि बी.पी.ई.ओ. दफ्तर हाजीपुर में तैनात क्लर्क गगनदीप ने इस छुट्टी को स्वीकृत करवाने के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत की मांग की। पीड़ित पति द्वारा काफी मिन्नतें करने के बाद क्लर्क 5,000 रुपये लेने पर सहमत हुआ। रिश्वत न देने की मंशा से शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी विजिलेंस विभाग को दे दी। योजना के तहत आज जब शिकायतकर्ता क्लर्क गगनदीप सिंह को 5,000 रुपये की राशि सौंपने पहुंचा, तो पहले से घात लगाए बैठी होशियारपुर और नवांशहर विजिलेंस की संयुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेंस विभाग ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।