Edited By Kalash,Updated: 18 Jul, 2026 03:42 PM

कथित जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब पुलिस ने होशियारपुर के टांडा थाने के तत्कालीन एसएचओ गुरिंद्रजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया है।
पंजाब डेस्क : कथित जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब पुलिस ने होशियारपुर के टांडा थाने के तत्कालीन एसएचओ गुरिंद्रजीत सिंह नागरा को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया है। ये कार्रवाई अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के दौरान उनका नाम सामने आने के बाद की गई। विभागीय जांच में सबूत मिलने के बाद उनके खिलाफ एक्सटॉर्शन और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है।
यह पूरा मामला अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के परिवार से कथित तौर पर 4 लाख डॉलर (करीब 4 करोड़ रुपये) की फिरौती मांगने के आरोप से जुड़ा है। एफबीआई और अन्य अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों का दावा है कि गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े लोगों ने पंजाब में दर्ज एक हत्या के केस का दबाव बनाकर पीड़ित परिवार से बड़ी रकम वसूलने की कोशिश की। जांच के दौरान इस पूरे घटनाक्रम में तत्कालीन एसएचओ गुरिंद्रजीत सिंह नागरा का नाम भी सामने आया।
FBI के ऑपरेशन में कैसे आया नागरा का नाम?
अमेरिका, कनाडा और यूरोप में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ 10 जुलाई को एफबीआई और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' चलाया। इस दौरान कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पड़ताल की गई। इसमें भारतीय पुलिस अधिकारी की भूमिका सामने आई, जिसकी पहचान टांडा के तत्कालीन एसएचओ गुरिंद्रजीत सिंह नागरा के रूप में की गई। अमेरिकी एजेंसियों ने दावा किया कि नागरा का नाम कथित फिरौती की साजिश में सामने आया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अमेरिका में रह रहे एक परिवार पर हत्या के मामले में कार्रवाई का डर दिखाकर 4 लाख डॉलर की मांग की गई थी। आरोप है कि गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े लोगों ने विदेश में रह रहे परिवार की जानकारी जुटाई और भारत में अपने संपर्कों के जरिए उन पर दबाव बनाया। अमेरिकी एजेंसियों ने इस मामले में नागरा की तस्वीर भी जारी करते हुए उन्हें संदिग्ध भूमिका वाला अधिकारी बताया था।
AAP कार्यकर्ता की हत्या से कैसे जुड़ा मामला?
यह विवाद होशियारपुर के मियाणी गांव में 15 जनवरी 2026 को हुए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता एवं हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार हत्याकांड से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की थी और बाद में अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड एएसआई चरनजीत सिंह का नाम सामने आया। चरनजीत सिंह मृतक के समधी बताए गए थे और उन पर पारिवारिक विवाद के चलते हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था।
तत्कालीन एसएचओ गुरिंद्रजीत सिंह नागरा ने 24 मई 2026 को प्रेस वार्ता कर दावा किया था कि पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या पारिवारिक रंजिश के कारण करवाई गई। उन्होंने कहा था कि अमेरिका में रहने वाले रिटायर्ड एएसआई चरनजीत सिंह ने अपनी बेटी के वैवाहिक विवाद के चलते शूटरों को कथित तौर पर सुपारी दिलवाई। इसी आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया था।
बाद में अमेरिकी एजेंसियों की जांच में दावा किया गया कि हत्या के इसी मामले को आधार बनाकर अमेरिका में रह रहे परिवार से पैसे की मांग की गई। आरोप है कि यदि रकम नहीं दी जाती तो केस में फंसाए रखने और कानूनी कार्रवाई जारी रखने की धमकी दी गई। अमेरिकी अटॉर्नी बिलाल ए. एसायली ने भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में गैंगस्टर नेटवर्क के साथ कुछ भारतीय पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की गई, जिसमें नागरा का नाम भी शामिल था।
पंजाब पुलिस की जांच में क्या मिला?
एफबीआई के इनपुट मिलने के बाद पंजाब पुलिस ने विभागीय जांच शुरू की। जांच के दौरान गुरिंद्रजीत सिंह नागरा के बैंक खाते में 16 लाख रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड मिलने और कथित जबरन वसूली से जुड़े प्रारंभिक साक्ष्य सामने आने का दावा किया गया। इसके बाद उन्हें पहले लाइन हाजिर किया गया और फिर निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी इंस्पेक्टर को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित फिरौती के मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही गैंगस्टर नेटवर्क, विदेश में बैठे आरोपियों और आर्थिक लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच जारी है।
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