Edited By Subhash Kapoor,Updated: 26 Jul, 2026 06:59 PM

सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्कों के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) जालंधर ने जालंधर देहात पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में विदेशी हैंडलरों द्वारा संचालित आईएसआई समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) आतंकी मॉड्यूल का...
चंडीगढ़/जालंधर : सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्कों के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) जालंधर ने जालंधर देहात पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में विदेशी हैंडलरों द्वारा संचालित आईएसआई समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए उसके संचालक को जालंधर से गिरफ्तार किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जालंधर के आदमपुर स्थित गांव पड़ियाना निवासी सतबीर सिंह के रूप में हुई है। विस्फोटक सामग्री के अलावा पुलिस टीमों ने उसके कब्जे से काले रंग की प्लेटिना मोटरसाइकिल (पीबी-08-ईटी-6736), जिसका वह इस्तेमाल कर रहा था, भी बरामद की है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान 1.3 किलोग्राम उच्च क्षमता वाले विस्फोटक से तैयार एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया गया है, जिसमें श्रैपनेल और बॉल बेयरिंग भी लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि आतंकी मॉड्यूल का उद्देश्य राज्य में शांति एवं कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने कहा, "समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा आतंकी खतरा टल गया और कई निर्दोष लोगों की जान बच गई।"
ऑपरेशन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए डीजीपी ने बताया कि सीआई जालंधर की टीमों को पुख्ता सूचना मिली थी कि बीकेआई मॉड्यूल के एक सदस्य ने अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर विस्फोटकों की खेप प्राप्त की है।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही सीआई जालंधर और जालंधर देहात पुलिस की संयुक्त टीमों ने गांव ढंडौर में नाका लगाकर संदिग्ध सतबीर सिंह की मोटरसाइकिल को रोका। तलाशी के दौरान उसके बैग से आईईडी बरामद की गई।
डीजीपी ने कहा कि इस साजिश में शामिल विदेशी हैंडलरों, स्थानीय नेटवर्क तथा पूरे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने और इसके आगे-पीछे के सभी संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
इस संबंध में थाना पतारा, जालंधर देहात में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 113(1) एवं 113(3), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं 4 एवं 5 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1बी)(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।