Edited By Subhash Kapoor,Updated: 31 Jul, 2026 05:12 PM

जिला गुरदासपुर के सेल्फ फाईनेंस प्राइवेट स्कूलों की फीस और प्रशासनिक पारदर्शता को लेकर कई तरह की मुसीबतों से यह स्कूल गुजर रहे हैं।
गुरदासपुर (विनोद): जिला गुरदासपुर के सेल्फ फाईनेंस प्राइवेट स्कूलों की फीस और प्रशासनिक पारदर्शता को लेकर कई तरह की मुसीबतों से यह स्कूल गुजर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने पंजाब सरकार के आदेश पर फीस रेगुलेटरी बॉडी के तहत सभी मान्यता प्राप्त और एफिलिएटेड स्कूलों को 31 जुलाई तक अपना फाइनेंशियल और फीस से जुड़ा डेटा सरकारी पोर्टल पर अपलोड करने के सख्त आदेश जारी किए थे। विभाग द्वारा निर्धारित समय के बावजूद, कई प्राईवेट स्कूलों ने अभी तक यह प्रोसैस पूरा नही किया है। जबकि आज इसकी अंतिम तिथि है।
134 स्कूलों ने अभी तक नही दी जानकारी:-
जिला गुरदासपुर के इस तरह के कुल 525 प्राइवेट स्कूलों में से आज अंतिम दिन तक मात्र 391 स्कूलों ने अपना डेटा अपलोड किया है, जबकि 130 स्कूल अभी भी इस प्रोसेस को नजरअंदाज कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार मांगी गई जानकारी देना जरूरी है और इस मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों के मुताबिक, मान्यता कैंसिल करने के लिए हायर अथॉरिटीज को सिफारिश की जा सकती है। दूसरी तरफ, प्राइवेट स्कूलों के संगठन ने पूरे मामले को गैर जरूरी तथा डिक्टेटरशिव बताते हुए खुला विरोध शुरू कर दिया है। संगठन इस मामले में माननीय पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन भी फाइल की है। जिसकी सुनवाई जल्दी होगी।
फीस रेगुलेटरी बॉडी हर खर्च की जांच करेगी:-
फीस रेगुलेटरी बॉडी के नियमों के मुताबिक, इन प्राईवेट स्कूलों को पोर्टल पर ट्यूशन फीस, एडमिशन फीस, डेवलपमेंट चार्ज, सालाना खर्च और दूसरी फाइनेंशियल डिटेल्स अपलोड करनी होती हैं। इस डेटा के आधार पर डिपार्टमेंट स्कूलों के फीस स्ट्रक्चर की जांच करेगा। अगर कोई वायलेशन पाया जाता है, तो पेरेंट्स से ली गई ज्यादा रकम वापस करने के ऑर्डर जारी किए जा सकते हैं।
इस विवाद का सीधा असर छात्रों तथा अविभाविकों पर भी पड़ सकता है। अगर मान्यता कैंसिल हुई तो हजारों स्टूडेंट्स का भविष्य दुविधा में पड़ सकता है।