Edited By Urmila,Updated: 19 Jul, 2026 02:12 PM

जिला गुरदासपुर की मनरेगा कर्मचारी यूनियन के प्रधान संदीप सिंह ने पंचायत भवन में कर्मचारियों के चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की कड़ी निंदा की।
गुरदासपुर (विनोद): जिला गुरदासपुर की मनरेगा कर्मचारी यूनियन के प्रधान संदीप सिंह ने पंचायत भवन में कर्मचारियों के चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की कड़ी निंदा की। कर्मचारियों को पिछले 6 महीने से सैलरी नहीं मिली है। जिस कारण कर्मचारियों में भारी रोष पाया जा रहा है।
कर्मचारी लंबे समय से अपनी सर्विस रैगुलर करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मनरेगा यूनियन के प्रधान संदीप सिंह ने बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने तानाशाही फरमान जारी करके मनरेगा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है और उनकी जगह दूसरे डिपार्टमैंट के कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।
यूनियन प्रधान ने पंजाब सरकार की दोहरी पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार जी राम जी (राज्य में मनरेगा लागू न करने) की बात करती थी, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने इसे जल्दबाजी में लागू करने के आदेश दे दिए हैं। संदीप सिंह ने कहा कि जब तक सरकार मनरेगा कर्मचारियों का पे स्केल तय नहीं करती, तब तक यह विरोध जारी रहेगा। आगामी सोमवार से यह संघर्ष और तेज किया जाएगा।
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