Punjab : फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा में पुलिस की दबिश, 11 अभ्यर्थी हिरासत में, जानें पूरा मामला

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 19 Jul, 2026 07:15 PM

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बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती के लिए रविवार को आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने का मामला सामने आया है।

फरीदकोट (राजन): बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती के लिए रविवार को आयोजित लिखित परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने नकल कराने वाले एक कथित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए फरीदकोट के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से करीब 11 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक न तो यूनिवर्सिटी और न ही पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।

जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती के लिए बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज को नोडल एजेंसी नियुक्त किया था। इसके तहत रविवार को लिखित परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें करीब 7 हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा के लिए फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

सूत्रों के मुताबिक परीक्षा के दौरान पुलिस को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने वाले एक गिरोह के सक्रिय होने की पहले से सूचना मिली हुई थी। इसके बाद गिरोह से जुड़ी जानकारी के आधार पर विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जांच की गई। कार्रवाई के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से परीक्षा दे रहे कई संदिग्ध अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ लोगों के मौके से फरार होने की भी चर्चा है।

सूत्रों के अनुसार फरीदकोट के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से करीब 11 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा कोटकपूरा और फिरोजपुर के कुछ परीक्षा केंद्रों पर भी संदिग्ध अभ्यर्थियों की जांच की गई। हालांकि अब तक कुल कितने अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

फिलहाल पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस पूरे नकल रैकेट, गिरोह के सदस्यों तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर विस्तृत खुलासा कर सकती है।

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