Edited By Subhash Kapoor,Updated: 19 Jul, 2026 09:10 PM

श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदकोट में इंसानियत को शर्मसार करने वाले मामले में थाना सिटी-2 पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर, एक हेल्पर और डी-फार्मेसी के एक छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फरीदकोट (राजन): श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदकोट में इंसानियत को शर्मसार करने वाले मामले में थाना सिटी-2 पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर, एक हेल्पर और डी-फार्मेसी के एक छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि उपचार के दौरान मौत होने के बाद एक लावारिस शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखने की बजाय व्हीलचेयर पर ले जाकर श्मशान घाट के बाहर फुटपाथ पर लावारिस हालत में छोड़ दिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्जरी-1 विभाग में तैनात एक डॉक्टर, एक हेल्पर और डी-फार्मेसी के एक छात्र को इस मामले में नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक करीब 35 वर्षीय एक अज्ञात लावारिस व्यक्ति को 9 जुलाई को 108 एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल फिरोजपुर से रेफर कर श्री गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल अस्पताल के सर्जरी-1 विभाग में भर्ती कराया गया था। 13-14 जुलाई की मध्यरात्रि को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि मरीज की मौत के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बजाय हेल्पर और डी-फार्मेसी छात्र की मदद से शव को व्हीलचेयर पर रखा और अस्पताल परिसर से बाहर ले जाकर श्मशान घाट के बाहर फुटपाथ पर लावारिस हालत में छोड़ दिया।
श्मशान घाट के बाहर शव पड़े होने की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर दोबारा मेडिकल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। इसके बाद ड्यूटी डॉक्टर से पूछताछ की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी व्हीलचेयर पर शव को अस्पताल से बाहर ले जाते हुए स्पष्ट दिखाई दिए, जिसके बाद तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
थाना सिटी-2 के एएसआई ने बताया कि मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके चलते रविवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक समाजसेवी संस्था के सहयोग से उसका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करवा दिया गया।