Edited By Urmila,Updated: 21 Jul, 2026 04:21 PM

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 22 जुलाई तक प्रदेश के सभी शहरों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेशों के बाद सोमवार को फरीदकोट में कूड़े के ढेर उठाने पहुंची जिला प्रशासन और नगर परिषद की टीमों को सफाई कर्मियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
फरीदकोट (राजन): पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 22 जुलाई तक प्रदेश के सभी शहरों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेशों के बाद सोमवार को फरीदकोट में कूड़े के ढेर उठाने पहुंची जिला प्रशासन और नगर परिषद की टीमों को सफाई कर्मियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फरीदकोट शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बरसात के मौसम में गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। शहरवासियों ने भी सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।
इसी बीच सफाई व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और स्थानीय निकायों को 22 जुलाई तक सभी शहरों से कूड़े के ढेर हटाकर सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत के आदेशों के अनुपालन में फरीदकोट प्रशासन ने सोमवार सुबह निजी ट्रॉलियों, जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से कूड़ा उठाने का अभियान शुरू करने की कोशिश की।
जैसे ही प्रशासनिक टीमें शहर के डंपिंग प्वाइंट और अन्य स्थानों पर पहुंचीं, वहां मौजूद सफाई कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी कीमत पर कूड़ा नहीं उठाने देंगे।
सफाई कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेशों का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। उनका कहना था कि कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर वे अपने संघर्ष को और तेज करेंगे, लेकिन हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे और न ही वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कूड़ा उठाने देंगे।
दूसरी ओर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) अमृत लाल ने कहा कि संगरूर निवासी एक व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी शहरों में 22 जुलाई तक सफाई अभियान पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी से टकराव करना नहीं है, बल्कि अदालत के आदेशों का पालन करते हुए आम लोगों को गंदगी से राहत दिलाना है। इसी उद्देश्य से निजी मशीनरी और संसाधनों की सहायता से सफाई कराने का प्रयास किया गया।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। काफी देर चली बातचीत के बाद प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि लोगों की सुविधा और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए बाबा फरीद जी की दरगाह जाने वाले मुख्य मार्ग पर पड़े कूड़े के ढेर को हटाने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ, हालांकि सफाई कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी मांगें पूरी होने तक उनकी हड़ताल और आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा।
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