Edited By Urmila,Updated: 20 Jul, 2026 03:50 PM

भारत को आजाद हुए आठ दशक पूरे होने वाले हैं, लेकिन इन 80 सालों में भी कुछ गांवों की हालत ऐसी है कि अगर कहा जाए कि लोग नरक में रहने को मजबूर हैं, तो भी कम नहीं होगा।
दीनानगर (हरजिंदर सिंह गोराया): भारत को आजाद हुए आठ दशक पूरे होने वाले हैं, लेकिन इन 80 सालों में भी कुछ गांवों की हालत ऐसी है कि अगर कहा जाए कि लोग नरक में रहने को मजबूर हैं, तो भी कम नहीं होगा। गुरदासपुर के दीनानगर विधानसभा इलाके का खोजेपुर गांव ऐसा ही एक गांव है जिसे बड़ी आबादी वाला गांव कहा जा सकता है, लेकिन आज तक यहां सीवेज की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
पूरे गांव की निकासी छप्पड़ में डाली गई है, लेकिन बारिश के दिनों में यह तालाब अक्सर ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे सीवेज का पानी गलियों में जमा हो जाता है, जो लोगों के घरों में बहता है। इस गांव की हर साल यही हालत होती है। गंदे पानी के जमा होने से लोग बीमार पड़ते हैं, स्कूल के बच्चों और काम पर जाने वालों को गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ता है। नेता कई बार आकर इस समस्या को हल करने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन सालों बाद भी परनाला ज्यों का त्यों ही है।

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