Edited By Subhash Kapoor,Updated: 21 Jul, 2026 06:26 PM

सीमावर्ती क्षेत्र बमियाल में आज बारिश का पहला बड़ा बाढ़ का दौर देखने को मिला। भारी बारिश के बाद जलाली दरिया का जलस्तर अचानक बढ़ गया और नदी ने एक बार फिर विकराल रूप धारण करते हुए आसपास के खेतों और जमीनों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
बमियाल/भोआ (हरजिंद्र सिंह गोराया): सीमावर्ती क्षेत्र बमियाल में आज बारिश का पहला बड़ा बाढ़ का दौर देखने को मिला। भारी बारिश के बाद जलाली दरिया का जलस्तर अचानक बढ़ गया और नदी ने एक बार फिर विकराल रूप धारण करते हुए आसपास के खेतों और जमीनों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। तेज बहाव के कारण नदी के किनारे स्थित कई एकड़ खेतों में पानी भर गया, जिससे धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा किसानों द्वारा खेतों में लगाए गए सोलर पंप, ट्यूबवेल और अन्य कृषि उपकरण भी पानी में डूब गए। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश जारी रही और नदी का जलस्तर और बढ़ा, तो बड़े पैमाने पर फसलों और कृषि उपकरणों को नुकसान हो सकता है।
गौरतलब है कि पिछले साल भी जलाली दरिया ने सीमावर्ती क्षेत्र बमियाल, मुठ्ठी, रमकालमा समेत कई गांवों में भारी तबाही मचाई थी। उस दौरान बमियाल से दीनानगर और पठानकोट को जोड़ने वाली सड़क पर बने एक बड़े पुल को भी भारी नुकसान पहुंचा था। लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासन इस पुल का निर्माण जल्द पूरा कर देगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद पुल अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका।
आज जब जलाली दरिया का जलस्तर फिर बढ़ा तो पानी पुल के रास्ते से गुजरने लगा, जिससे बमियाल से पठानकोट जाने वाला मार्ग एक बार फिर बंद हो गया। सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी तरह मंगवाल मोड़, रमकालमा और आसपास की सड़कों पर भी भारी मात्रा में पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में जलाली दरिया का बढ़ता जलस्तर उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। उनका कहना है कि यदि पिछले साल हुए नुकसान के बाद प्रशासन समय रहते पुल का निर्माण पूरा कर देता, तो आज दोबारा यह स्थिति पैदा नहीं होती।


