पंजाब रोडवेज कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन, 25 से 27 मई को लेकर दी सख्त चेतावनी

Edited By Kamini,Updated: 20 May, 2026 02:53 PM

punjab roadways employees stage vigorous protest

पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने आज अमृतसर के सेंट्रल बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया।

अमृतसर (रमन) : पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने आज अमृतसर के सेंट्रल बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी पेंडिंग मांगों को तुरंत पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। 

यूनियन के स्टेट लीडर जोध सिंह ने बताया कि 18 तारीख को कर्मचारियों ने एक दिन की सिंबॉलिक हड़ताल की थी। इसके बाद पंजाब के फाइनेंस और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर हरपाल चीमा के साथ मीटिंग हुई, जिसमें मिनिस्टर ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की तरफ से अभी तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पिछले कई सालों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। पिछली सरकारें हों या मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार, कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना ही पड़ता है। 

यूनियन की मुख्य मांगों में आउटसोर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करना, आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लेना और कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखना शामिल है। जोध सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई कर्मचारियों पर सेक्शन 307 जैसे गंभीर केस दर्ज किए गए, जिन्हें रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम वाली बसों को बंद करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरी तरह से नहीं मान लेती, तब तक बस स्टैंड और बसों में सरकार के खिलाफ प्रोपेगैंडा कैंपेन जारी रहेगा।

वहीं, यूनियन के स्टेट कैशियर बलजीत सिंह ने कहा कि इससे पहले 20 तारीख को संगरूर में एक बड़ा धरना प्रदर्शन किया गया था, जिसमें पूरे पंजाब से कर्मचारी आने वाले थे। लेकिन मंत्री हरपाल चीमा के साथ मीटिंग के बाद आंदोलन कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि कर्मचारियों पर दर्ज केस बंद किए जाएंगे और जिन कर्मचारियों को रेगुलर किया जाना है, उन्हें जल्द ही रेगुलर किया जाएगा। कर्मचारियों ने साफ किया कि अगर सरकार अपने वादे पूरे नहीं करती है तो 25, 26 और 27 तारीख को पूरे पंजाब में बड़ी हड़ताल की जाएगी। यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि सरकार अब चुनाव और विधानसभा में किए गए वादों को भूल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अब भी उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे घर-घर जाकर सरकार के खिलाफ अभियान चलाएंगे और लोगों को सरकार की नीतियों के बारे में जागरूक करेंगे।

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