Edited By Kalash,Updated: 06 Apr, 2026 10:01 AM

पंजाब सरकार द्वारा निकाली गई ग्रुप-डी की भर्ती प्रक्रिया के तहत रविवार को हुई लिखित परीक्षा में वह उत्साह देखने को नहीं मिला, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
लुधियाना (विक्की): पंजाब सरकार द्वारा निकाली गई ग्रुप-डी की भर्ती प्रक्रिया के तहत रविवार को हुई लिखित परीक्षा में वह उत्साह देखने को नहीं मिला, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। अधीन सेवाएं चयन बोर्ड (एस.एस.एस.बी.) पंजाब की ओर से करवाई गई इस परीक्षा में लुधियाना के हजारों उम्मीदवारों ने सरकारी नौकरी का मौका हाथ से जाने दिया और परीक्षा केंद्रों की ओर रुख ही नहीं किया।
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर के सहयोग से आयोजित इस परीक्षा के लिए लुधियाना जिले में प्रशासन द्वारा कड़े प्रबंध किए गए थे। शहर के विभिन्न हिस्सों में कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, ताकि उम्मीदवारों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। सुबह 11 से दोपहर 1.30 बजे के सेशन में हुई इस परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग और बोर्ड की टीमें पूरी तरह मुस्तैद रहीं लेकिन केंद्रों के अंदर कई सीटें खाली नजर आईं।
जिला शिक्षा अधिकारी (स) की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, इस भर्ती के लिए जिले में कुल 7713 उम्मीदवार रजिस्टर्ड थे। इनमें से केवल 4457 उम्मीदवार ही अपनी किस्मत आजमाने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। वहीं 3266 उम्मीदवारों ने परीक्षा से पूरी तरह किनारा कर लिया और एब्सैंट रहे। जिले में उपस्थिति का कुल प्रतिशत मात्र 57.79 ही रहा जिसने विभाग के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है।
बेरोजगारी के इस दौर में जहां एक-एक पद के लिए भारी मारामारी रहती है, वहीं ग्रुप-डी की परीक्षा में करीब 42 प्रतिशत युवाओं का रुचि न दिखाना अब चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा केंद्रों की दूरी या अन्य कारणों से इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने इस परीक्षा को छोड़ना ही बेहतर समझा।
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