Edited By Kamini,Updated: 27 Mar, 2026 05:39 PM

जानकारी के लिए बता दें कि वेरका मिल्क प्लांट लुधियाना की और से इंडियन आर्मी को सूखे दूध पाउडर की 2 खेप भेजी गई थी जिनमें एक 58.338 मीट्रिक टन तथा दूसरी 66.654 मीट्रिक टन थी।
लुधियाना/पंजाब (अशोक): वेरका मिल्क प्लांट के 3 अधिकारियों पर गाज गिरी है। मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब सहकारिता दूध उत्पादक फेडरेशन लिमिटेड की और से वेरका मिल्क प्लांट लुधियाना के जनरल मैनेजर दलजीत सिंह, क्वॉलिटी मैनेजर गुरइकबाल सिंह तथा प्रोडक्शन मैनेजर परितोष मिश्रा को ड्यूटी में लापरवाही के चलते सस्पेंड करने का फैसला लिया गया है।
जानकारी के लिए बता दें कि वेरका मिल्क प्लांट लुधियाना की और से इंडियन आर्मी को सूखे दूध पाउडर की 2 खेप भेजी गई थी जिनमें एक 58.338 मीट्रिक टन तथा दूसरी 66.654 मीट्रिक टन थी। लेकिन मिल्क प्लांट लुधियाना की और से भेजी गई सूखे दूध पाउडर की दोनों खेप के नमूने फेल हो गए जिसकी वजह से इंडियन आर्मी द्वारा सूखे दूध पाउडर को रिजेक्ट कर दिया गया।
वेरका की क्वालिटी पर सवालिया निशान:
वेरका मिल्क यूनियन एक प्रतिष्ठित संस्थान है। अगर इंडियन आर्मी की और से वेरका दूध पाउडर को घटिया क्वालिटी के चलते अस्वीकार कर दिया गया है तो आम लोग वेरका की क्वालिटी पर कैसे भरोसा कर सकते हैं। इस प्रकार का मामला सामने आने से जहां वेरका मिल्क के उत्पादों से लोगो का विश्वास कमजोर हुआ वही वेरका को ऊपर लेजाने के पंजाब सरकार के दावों की भी पोल खुल गई।
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