बढ़ती गर्मी और 'येलो अलर्ट' के बीच सिविल सर्जन की सख्त चेतावनी: दोपहर 12 से 3 बजे तक भूलकर भी न निकलें घर से बाहर

Edited By Kalash,Updated: 20 May, 2026 05:44 PM

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पंजाब के कई हिस्सों सहित लुधियाना में सूरज की तपिश और लगातार बढ़ रहा पारा अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है।

लुधियाना (राज): पंजाब के कई हिस्सों सहित लुधियाना में सूरज की तपिश और लगातार बढ़ रहा पारा अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। आसमान से बरसती आग और लू के प्रकोप को देखते हुए मौसम विभाग द्वारा 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इसी बीच सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने आम जनता से अत्यधिक गर्मी के इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी सावधानियां बरतने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिन के समय भीषण गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन), अत्यधिक थकान और जानलेवा लू (हीट स्ट्रोक) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान, बंद गाड़ियों में किसी को न छोड़ें अकेला 

डॉ. कौर ने विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों, किसानों व निर्माण श्रमिकों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक, जब धूप का असर सबसे तीखा होता है, तब बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर बिल्कुल न निकलें। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा व्यावहारिक अलर्ट जारी करते हुए कहा कि अक्सर लोग बच्चों, बुजुर्गों या पालतू पशुओं को खड़ी गाड़ियों में अकेला छोड़ जाते हैं; ऐसा कतई न करें, क्योंकि बंद वाहनों के भीतर महज कुछ ही मिनटों में तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है जो जानलेवा साबित हो सकता है।

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चाय, कॉफी और शराब से बनाएं दूरी, चक्कर या उल्टी आने पर तुरंत पहुंचे अस्पताल

स्वास्थ्य गाइडलाइन जारी करते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि इस मौसम में हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए, बाहर जाते समय सिर को जरूर ढकना चाहिए और भारी शारीरिक मेहनत वाले कामों से बचना चाहिए। उन्होंने खान-पान में भी बड़े बदलाव की सलाह देते हुए कहा कि इन दिनों शराब, कैफीन (चाय-कॉफी) वाले पेय और अधिक मसालेदार भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये चीजें शरीर में पानी की कमी के खतरे को और ज्यादा बढ़ा देती हैं। इसकी जगह लोगों को ओआरएस (नमक-चीनी का घोल), नींबू पानी, लस्सी और छाछ जैसे तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए।

सिविल सर्जन ने आश्वस्त किया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को गर्मी व लू से संबंधित मामलों से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन उपचार सुविधाओं सहित आवश्यक दवाइयों और ओआरएस के पुख्ता इंतजाम हैं। उन्होंने जनता से कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को अचानक चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी या बेहोशी महसूस हो, तो उसे तुरंत किसी ठंडी जगह पर ले जाएं, तरल पदार्थ दें और बिना समय गंवाए नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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