Edited By Kalash,Updated: 06 May, 2026 04:45 PM

लुधियाना के ग्रामीण इलाकों में हो रही नाजायज माइनिंग के खिलाफ अब लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है।
लुधियाना (गणेश/सचिन): लुधियाना के ग्रामीण इलाकों में हो रही नाजायज माइनिंग के खिलाफ अब लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। इलाके के करीब 25 से 30 गांवों के सरपंचों, पंचों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर डिप्टी कमिश्नर लुधियाना को मांग पत्र सौंपा और इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।
सरपंचों ने अपने मांग पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि गांवों के आसपास अवैध तरीके से की जा रही माइनिंग के कारण धरती का कटाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे न केवल खेती योग्य जमीन को नुकसान हो रहा है बल्कि लोगों की जान-माल को भी खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि कई स्थानों पर माइनिंग इतनी खतरनाक तरीके से की जा रही है कि सिर्फ 5 से 10 फुट की दूरी ही बची हुई है, और अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में बड़ा हादसा हो सकता है।
मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि माइनिंग के कारण रास्ते टूट रहे हैं, जमीन धंस रही है और गांवों का वातावरण भी खराब हो रहा है। इससे आम लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरपंचों ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार इस मुद्दे को उठाया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिस कारण अब उन्हें मजबूर होकर सामूहिक रूप से प्रशासन के पास जाना पड़ा।
वहीं, डिप्टी कमिश्नर ने सरपंचों को भरोसा दिलाया है कि इस मामले में एक हफ्ते के अंदर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और अवैध माइनिंग को रोका जाएगा। इसके बावजूद सरपंचों और आम जनता ने साफ शब्दों में कहा कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे।
सरपंचों का कहना है
“हम इस नाजायज माइनिंग को बंद करवा कर ही रहेंगे, चाहे इसके लिए हमें सड़कों पर क्यों न उतरना पड़े।” लोगों ने यह भी कहा कि यह सिर्फ गांवों का मुद्दा नहीं है, बल्कि अगर इसे नजरअंदाज किया गया तो यह पूरे लुधियाना शहर के लिए भी खतरा बन सकता है।
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