Edited By Sunita sarangal,Updated: 01 May, 2026 11:43 AM

पंजाब पुलिस ने आई.एस.आई. समर्थित दो अलग-अलग जासूसी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
पंजाब डैस्क : पंजाब पुलिस ने आई.एस.आई. समर्थित दो अलग-अलग जासूसी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। ये मॉड्यूल संवेदनशील सैन्य ठिकानों की लाइव फुटेज पाकिस्तान स्थित हैंडलरों तक पहुंचाने के लिए हाईटेक चीनी सी.सी.टी.वी. कैमरों का इस्तेमाल कर रहे थे। यह जानकारी पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी। उन्होंने बताया कि महज 35 हजार में आरोपियों ने खुद को बेच दिया और अपने देश के साथ गद्दारी की।
3 आरोपी किए गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार काऊंटर इंटैलीजैंस जालंधर ने एक संचालक को गिरफ्तार कर पहले मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। आरोपी के कब्जे से 4जी कनैक्टिविटी वाला एक चीनी सी.सी.टी.वी. कैमरा तथा सोलर प्लेट बरामद की गई है। वहीं कपूरथला पुलिस ने एक केंद्रीय एजैंसी के साथ संयुक्त ऑपरेशन में दो व्यक्तियों को विदेशी हैंडलरों से जुड़े चार मोबाइल फोन, एक सिम आधारित सी.सी.टी.वी. कैमरा और एक वाई-फाई सैट सहित गिरफ्तार कर दूसरे मॉड्यूल का खुलासा किया है। काऊंटर इंटैलीजैंस ऑपरेशन में गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुखविंदर सिंह उर्फ सुख्खा निवासी गांव सहांके, फिरोजपुर के रूप में हुई है। वहीं कपूरथला पुलिस द्वारा किए गए दूसरे ऑपरेशन में गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान सोना निवासी दोना मट्टड़, फिरोजपुर तथा संदीप सिंह उर्फ सोनू निवासी गांव छांगा खुर्द, फिरोजपुर के रूप में हुई है।
ऐसे भेज रहे थे पाकिस्तान में जानकारी
इन कैमरों की बात करें तो आरोपियों ने कई सुरक्षाबलों के ठिकानों के पास दुकानें किराए पर ली थीं। इसके बाद उन्होंने दुकानों में चाइनीज सी.सी.टी.वी. कैमरे लगवाए थे। इन कैमरों की डायरेक्शन जानबूझकर ऐसी रखी गई थी जिससे सारी जानकारी पाकिस्तान स्थित हैंडलरों को भेजी जा सके। कैमरों का पूरा कंट्रोल पाकिस्तान स्थित हैंडलरों को देने के लिए OTP का सहारा लिया गया जिससे वे सुरक्षाबलों की लाइव जानकारी हासिल कर सकते थे। आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर रणनीतिक तरीके से सिम आधारित और सौर ऊर्जा से चलने वाले सी.सी.टी.वी. कैमरे लगा रहे थे, ताकि सुरक्षाबलों से जुड़े संस्थानों सहित संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर मोबाइल एप्लीकेशनों के माध्यम से पाकिस्तान आधारित हैंडलरों को लाइव फुटेज भेजी जा सके। पिछले 15 दिनों में कैमरों द्वारा पाकिस्तान को 25 हजार बार जानकारी भेजी गई। वहीं डी.जी.पी. गौरव यादव ने जानकारी देते बताया कि ये चीनी कैमरे ऑफ-ग्रिड निगरानी के लिए बेहद उपयुक्त हैं। लाइव जानकारी हासिल करने में कोई प्रॉब्लम न आए इसके लिए आरोपियों ने वाईफाई का इस्तेमाल किया था। साथ ही सौर ऊर्जा वाले कैमरे लगवाए थे ताकि इनकी बैटरी खत्म न हो जाए।

मोबाइल, सिम कार्ड, सोलर प्लेट और अन्य सामान बरामद
ए.आई.जी. काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर सिमरतपाल सिंह ढींडसा ने जालंधर कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए बताया कि सुखविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सोलर प्लेट और एक सिम कार्ड सहित सीसीटीवी कैमरा बरामद किया है। कपूरथला मॉड्यूल के बारे में जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कपूरथला गौरव तूरा ने बताया कि आर्मी कैंट के पास संदिग्ध निगरानी संबंधी सूचना के आधार पर मॉडल टाउन, कपूरथला स्थित एक दुकान पर छापा मारा गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पास के खंभे पर सिम आधारित कैमरा लगाने हेतु दुकान किराये पर ली हुई थी।
जानकारी देने के बदले मिले थे 35 हजार
एस.एस.पी. ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि ‘फौजी’ नाम से पहचाने गए पाकिस्तान स्थित हैंडलर ने कैमरा लगाने के लिए आरोपियों को 35 हजार रुपये दिए थे। पहले ये सभी आरोपी नशा तस्करी भी कर चुके हैं। इसलिए इनके पाकिस्तान के साथ पहले से ही संबंध थे। इसके अलावा इनसे जो भी मोबाइल और सिम बरामद किए गए हैं वे सभी इंडियन बेस ही हैं, जिनकी पूरी जांच चल रही है। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी संदीप सिंह नशा तस्करी में भी शामिल था, जिसने उसी पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा ड्रोन के जरिए भेजी गई 1 किलो हेरोइन की आगे सप्लाई करने के लिए 50 हजार रुपये लिए थे।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
इस संबंध में दो अलग-अलग मामले थाना सिटी कपूरथला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और 61 तथा सरकारी गोपनीयता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत एफआईआर नंबर 138 दिनांक 28-04-2026 और थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एस.एस.ओ.सी.) अमृतसर में बी.एन.एस. की धारा 152 तथा सरकारी गोपनीयता अधिनियम की धारा 3, 4, 5 और 9 के तहत एफ.आई.आर. नंबर 26 दिनांक 29-04-2026 दर्ज की गई है।
पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड फौजी के इशारे पर कर रहे थे काम
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठा फौजी है। जब पकड़े गए आरोपी जेल में थे उस दौरान उनका संपर्क फौजी से हुआ था। फौजी ने नशे की सप्लाई भी आरोपियों को भेजी थी। इस काम को सफलतापूर्वक करने के बाद ही आरोपियों को सुरक्षाबलों पर नजर रखने का काम सौंपा गया था। वहीं इसके अलावा किराए पर दुकानें लेकर अलग-अलग काम करने के नाम पर जासूसी करने का जो आइडिया था वो भी पाकिस्तानी हैंडलरों का ही था। फिलहाल पुलिस को पूछताछ दौरान कई खुलासे हुए हैं। आगे भी पूछताछ दौरान आरोपियों ने अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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