Edited By Kalash,Updated: 15 Jun, 2026 12:17 PM

बरनाला शहर में आज एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हिलाकर रख दिया है।
बरनाला (विवेक सिंधवानी/रवी): बरनाला शहर में आज एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हिलाकर रख दिया है। सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं, सवाल उस नाइंसाफी का है जो एक इंसान को धीरे-धीरे अंदर से खाती रही और आखिरकार उसने जिंदगी का दामन छोड़ दिया। नगर परिषद बरनाला के पूर्व पार्षद जग्गा सिंह, निवासी संधू पट्टी बरनाला, ने आज तड़के करीब 2 बजे अपने घर की छत पर पंखे से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। खबर फैलते ही शहर के राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में गहरी खामोशी छा गई।
पैसों की टाल-मटोल बनी मौत का कारण
इस मामले में सबसे अहम और दिल को झकझोर देने वाला खुलासा मृतक जग्गा सिंह के भाई, नामी ठेकेदार मलकीत सिंह मीता ने किया। उन्होंने बताया कि जग्गा सिंह ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था। इस नोट में मृतक ने दो कालोनाइजरों द्वारा पिछले पूरे एक साल से उसके पैसे देने में की जा रही टाल-मटोल का जिक्र किया है। सुसाइड नोट में जग्गा सिंह ने साफ शब्दों में लिखा कि वह इन दोनों कालोनाइजरों की बेवफाई और धोखे से तंग आकर यह कदम उठा रहा है। नोट में उसने अपने परिवार के सदस्यों से माफी भी मांगी है ये वो शब्द हैं जो किसी का भी कलेजा चीर दें।
परिवार का ऐलान- इंसाफ से पहले अंतिम संस्कार नहीं
मलकीत सिंह मीता ने दुख और आक्रोश से भरी आवाज में ऐलान किया कि जब तक दोषी कालोनाइजरों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज नहीं होता, तब तक परिवार जग्गा सिंह का अंतिम संस्कार नहीं करेगा। यह ऐलान सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि एक ऐसे समाज की चीख है जहां ताकतवर लोग आम इंसान की मेहनत का फल दबा लेते हैं। घटना की सूचना मिलते ही थाना सिटी-1 बरनाला की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर लखविंदर सिंह ने बताया कि मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर सुसाइड नोट में किसी के खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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