बरनाला में सफाईकर्मियों पर लाठीचार्ज का मामला, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने जारी किए निर्देश

Edited By Sunita sarangal,Updated: 05 Aug, 2026 05:18 PM

national commission for scheduled castes action on barnala lathicharge case

अध्यक्ष किशोर मकवाना ने घटनास्थल का जायजा लेने और पीड़ित सफाई कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं को संबोधित किया।

बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवि): शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकारों की मांग कर रहे नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के माननीय अध्यक्ष किशोर मकवाना ने खुद बरनाला पहुंचकर पीड़ित कर्मचारियों का हाल जाना और पुलिसिया बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा की। आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों पर तुरंत गाज गिराने के संकेत दिए हैं।

दहशत में कर्मचारी, आयोग ने जताया गहरा रोष

अध्यक्ष किशोर मकवाना ने घटनास्थल का जायजा लेने और पीड़ित सफाई कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक के तौर पर सफाई कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए संवैधानिक दायरे में रहकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है। इसके बावजूद जिस तरह से उन पर पुलिस द्वारा लाठियां बरसाई गईं, वह न केवल निंदनीय है बल्कि मानवाधिकारों और संवैधानिक मर्यादाओं का सीधा उल्लंघन है।

मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। अपने हक के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष लोगों के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया गया, जिससे कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस वक्त वे अत्यधिक भय और दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं।

प्रशासन को नोटिस जारी, जवाबदेही तय होगी

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग की ओर से संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया गया है। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मामले की सीधी निगरानी की जा रही है और आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में किसी भी निर्दोष कर्मचारी को इस तरह के उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

आयोग ने जिला प्रशासन से दो प्रमुख मांगें रखी हैं:

लाठीचार्ज की घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाए।

सफाई कर्मचारियों को काम करने के लिए भयमुक्त, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान किया जाए।

न्याय मिलने तक जारी रहेगी आयोग की पैरवी

आयोग के रुख से यह साफ है कि वह इस मामले को ठंडे बस्ते में नहीं जाने देगा। किशोर मकवाना ने भरोसा दिलाया कि जब तक पीड़ितों को पूरी तरह न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा नहीं होती, तब तक आयोग इस मामले की लगातार पैरवी करता रहेगा।

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