Punjab: पराली जलाने पर सख्ती, जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किए Order

Edited By Kamini,Updated: 21 Sep, 2026 05:24 PM

the magistrate issued orders

ली में आग लगाने से नुकसान होने की संभावना रहती है। धान की पराली में आग लगाने से अत्यधिक प्रदूषण होता है, जिससे श्वसन संबंधी बीमारियां फैलती हैं।

मालेरकोटला (जहूर): जिले में सख्त आदेश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट विराज एस.तिड़के ने कहा कि धान की कटाई के मौसम की शुरुआत में अक्सर देखा जाता है कि कुछ किसान धान की पराली में आग लगा देते हैं। पराली में आग लगाने से नुकसान होने की संभावना रहती है। धान की पराली में आग लगाने से अत्यधिक प्रदूषण होता है, जिससे श्वसन संबंधी बीमारियां फैलती हैं। 

इसके अलावा, पराली में आग लगाने से भूमि की उर्वरता भी कम हो जाती है। मिट्टी की ऊपरी परत के जलने से उसमें मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव मर जाते हैं। आग लगाने से कई बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और सड़कों के किनारे पड़ी पराली में आग लगाने से यातायात भी बाधित होता है। इसलिए धान की पराली में आग लगाने से रोकना आवश्यक है। उपरोक्त कारणों को ध्यान में रखते हुए, जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक संरक्षण संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले की सीमा के भीतर धान की पराली जलाने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 15 नवंबर , 2026 तक लागू रहेंगे।

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