पंजाब में धमाकों को लेकर CM मान के बयान पर बवाल! चुघ बोले- अगर हिम्मत है तो सबूत पेश करे या इस्तीफा दें

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 06 May, 2026 05:17 PM

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पंजाब में बीती रात जालंधर व अमृतसर में हुए धमाकों के पीछे बीजेपी की साजिश जैसे आरोप लगाए जाने के बाद तरुण चुग ने सी.एम. मान पलटवार किया है। तरुण चुघ ने कहा कि मान साहिब, अगर आपमें हिम्मत है तो पहले सबूत पेश करें कि इन धमाकों के पीछे बीजेपी का हाथ है...

पंजाब डैस्क : पंजाब में बीती रात जालंधर व अमृतसर में हुए धमाकों के पीछे बीजेपी की साजिश जैसे आरोप लगाए जाने के बाद तरुण चुग ने सी.एम. मान पलटवार किया है। तरुण चुघ ने कहा कि मान साहिब, अगर आपमें हिम्मत है तो पहले सबूत पेश करें कि इन धमाकों के पीछे बीजेपी का हाथ है — नहीं तो अपने पद से इस्तीफा दें या जनता के सामने माफी मांगें। बिना सबूत के बेबुनियाद आरोप लगाना एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता।

चुघ ने कहा कि खुद का डी.जी.पी. कह रहा है कि इन घटनाओं के पीछे आई.एस.आई. का हाथ है। अगर आई.एस.आई. का हाथ है तो भी सुरक्षा की जिम्मेदारी भगवंत मान की बनती है। सी.एम. भगवंत मान अपनी गलतियां छिपाने के लिए इस तरह बेमतलबी बातें कर रहे हैं। चुघ ने कहा कि जितने महीने भी आपकी सरकार बची है, उसमें पंजाब की सुरक्षा करो। 

और सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक तरफ मान साहिब बीजेपी पर आरोप लगा रहे हैं, दूसरी तरफ उनकी अपनी सरकार के डीजीपी साफ कह रहे हैं कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ है। मुख्यमंत्री और उनके अपने डीजीपी के बीच यह खुला विरोधाभास यह साबित करता है कि यह सरकार न सिर्फ नाकाम है, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रही है।

मान साहिब, ISI के हमले पर चुप्पी और बीजेपी पर आरोप — यह किसकी सेवा है?

उन्होंने कहा कि पहले रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया गया और अब सेना के कैंपों के आसपास धमाके — यह केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि एक सीमावर्ती राज्य में राष्ट्रविरोधी ताकतों को खुली छूट मिलने का खतरनाक संकेत है। भगवंत मान सरकार की यह नाकामी पंजाब की जनता को कभी स्वीकार नहीं होगी।

चुग ने कहा कि पंजाब में 22 से अधिक पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले हो चुके हैं, पुलिस हेड क्वार्टर पर मिसाइल से हमला हुआ, मंदिरों, भाजपा कार्यालयों और नेताओं के घरों को निशाना बनाया गया। यहां तक कि पुलिसकर्मियों की हत्या करके वीडियो बनाकर पोस्ट किए गए — और यह सरकार हर बार मूकदर्शक बनी रही। इतने संगीन हमलों के बावजूद भगवंत मान सरकार ने न कोई सबक लिया, न कोई ठोस कदम उठाया। यह महज नासमझी नहीं — यह मिलीभगत का स्पष्ट संकेत है।

किसानों, युवाओं और महिलाओं का उल्लेख करते हुए चुग ने कहा कि एक तरफ पंजाब नशे के मकड़जाल में डूब रहा है, दूसरी तरफ वित्तीय संकट और बेरोजगारी ने पंजाब की रीढ़ तोड़ दी है। न किसानों को MSP की गारंटी मिली, न महिलाओं को उनका वाजिब हक, न युवाओं को रोजगार। ऐसे में जब रक्षा प्रतिष्ठानों के पास धमाके हो रहे हों, तो यह साफ है कि आपदा सरकार ने पंजाब को हर मोर्चे पर संकट में धकेल दिया है।

चुग ने कहा कि पंजाब का नीरो जब पंजाब जल रहा हो तब ड्रामेबाजी में व्यस्त नहीं रह सकता। पंजाब की जनता को आपके चुटकुले नहीं चाहिए, आपकी कहानियां नहीं चाहिए — उन्हें शांति चाहिए, सुरक्षा चाहिए, नशा-मुक्त पंजाब चाहिए और एक ऐसी सरकार चाहिए जो असल में शासन करे। मौजूदा हालात यह साफ बता रहे हैं कि भगवंत मान सरकार अपने सबसे बुनियादी दायित्व — पंजाबियों की सुरक्षा — में पूरी तरह विफल रही है, और अब पंजाब की जनता इस सरकार को माफ नहीं करेगी।

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