Edited By Vatika,Updated: 15 May, 2026 09:00 AM

भीषण गर्मी के इस दौर में जहां जीवित इंसानों का हाल बेहाल है, वहीं अस्पतालों के पोस्टमार्टम हाउस में रखे शवों
लुधियाना (राज): भीषण गर्मी के इस दौर में जहां जीवित इंसानों का हाल बेहाल है, वहीं अस्पतालों के पोस्टमार्टम हाउस में रखे शवों की दुर्दशा भी किसी से छिपी नहीं थी। लेकिन अब सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस की सूरत और सीरत दोनों बदलने वाली है। संवेदना ट्रस्ट ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए अस्पताल परिसर में करीब 55 लाख रुपये की भारी लागत से एक अत्याधुनिक कोल्ड रूम तैयार किया है। इस नए प्रोजेक्ट का उद्घाटन आगामी 16 मई को स्वास्थ्य विभाग की डायरेक्टर हेल्थ द्वारा पूरे विधि-विधान से किया जाएगा।
गौरतलब है कि अस्पताल में पिछले काफी समय से शवों के रखरखाव को लेकर हाहाकार मचा हुआ था। पारा चढ़ते ही पोस्टमार्टम हाउस में रखे शवों के खराब होने का डर बना रहता था, जिससे न केवल अस्पताल प्रबंधन की नींद उड़ी रहती थी, बल्कि अपने प्रियजनों के शव का इंतजार कर रहे परिजनों को भी भारी मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती थी। हालांकि साल 2016 में भी संवेदना ट्रस्ट ने ही यहां एक पुराना कोल्ड रूम लगवाया था, लेकिन लगभग एक दशक बीत जाने के बाद उसकी मशीनें जवाब देने लगी थीं। पुराने सिस्टम के फ्रीजर बार-बार तकनीकी खराबी के कारण बंद हो जाते थे, जिससे वहां स्थिति नारकीय हो जाती थी।
संवेदना ट्रस्ट के इस नए कदम से अब शव रखने की क्षमता में रिकॉर्ड तोड़ इजाफा हुआ है। पहले जहां केवल 39 शवों को रखने की जगह थी, वहीं अब 48 नए फ्रीजर जुड़ जाने से कुल क्षमता बढ़कर 87 हो गई है। यह नया कोल्ड रूम पूरी तरह लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस है, जिसके फ्रीजर भीषण से भीषण गर्मी में भी शवों को पूरी तरह सुरक्षित रखेंगे। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि लावारिस शवों को सम्मानजनक विदाई देना और शोक संतप्त परिजनों को परेशानी से बचाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।