फूड सेफ्टी विभाग ने मंडी में मारा छापा, दुकानदारों को दी सख्त चेतावनी

Edited By Sunita sarangal,Updated: 27 May, 2026 02:16 PM

food safety department raid

इस पूरी कार्रवाई को लेकर जानकारी देते हुए फूड सेफ्टी टीम के मुख्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ समय से मिलावटी सामान बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं।

लुधियाना(राज): लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और कैमिकल से फल पकाने वाले धंधेबाजों के खिलाफ फूड सेफ्टी विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी के तहत आज लुधियाना की मुख्य सब्जी मंडी में फूड सेफ्टी टीम द्वारा एक बड़े स्तर पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस औचक कार्रवाई के दौरान मंडी में बिक रहे खाने-पीने के सामान, खासकर पनीर और फलों की गुणवत्ता की बारीकी से पड़ताल की गई। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से मंडी के मिलावटखोरों और फल विक्रेताओं में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें छोड़ कर खिसकते नजर आए।

इस पूरी कार्रवाई को लेकर जानकारी देते हुए फूड सेफ्टी टीम के मुख्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ समय से मिलावटी सामान बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर आज पूरी टीम के साथ सब्जी मंडी में लगी स्टालों और रेहड़ियों पर बिक रहे पनीर की सघन चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान टीम को मौके पर एक डेयरी स्टाल का पनीर बेहद संदिग्ध और मानकों के विपरीत लगा। टीम ने बिना कोई ढील दिए तुरंत उस पनीर का एक फूड सैंपल कलेक्ट किया और उसे विस्तृत जांच के लिए सरकारी लैबोरेट्री भेज दिया।

अधिकारियों ने बताया कि सैंपल भरने के साथ ही जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए मौके पर मौजूद लगभग 18 किलो संदिग्ध पनीर को तुरंत अपनी देखरेख में नष्ट करवा दिया गया, ताकि यह किसी की थाली तक न पहुंच सके। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मौके पर ही सभी पनीर विक्रेताओं को आड़े हाथों लिया और सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वे गैर-मानकीकृत या घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री तुरंत बंद कर दें। उन्होंने साफ लफ्जों में आगाह किया कि भविष्य में यदि कोई भी दुकानदार इस तरह की लापरवाही या उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट'  के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है और ऐसी चेकिंग लगातार जारी रहेगी। पनीर के साथ-साथ फूड सेफ्टी विभाग ने इस बार फलों को कत्रिम (आर्टिफिशियल) तरीके से पकाने वाले माफियाओं पर भी नकेल कसी है। डॉ. आशीष चावला की अगुवाई में फूड सेफ्टी अफसरों, हॉर्टिकल्चर (बागवानी) विभाग और पर्यावरण विभाग की एक संयुक्त टीम ने मंडी और आसपास के इलाकों में बने पपीता, आम और केलों के राइपनिंग सेंटरों (फल पकाने वाले केंद्रों) और कोल्ड स्टोरों पर अचानक छापा मारा। इस दौरान टीम ने विशेष रूप से इथाईलीन गैस के जरिए पकाए जा रहे केलों और अन्य मौसमी फलों के स्टॉक को चेक किया।

चेकिंग के दौरान अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम ने फल विक्रेताओं व स्टोर मालिकों को कड़े निर्देश देते हुए जागरूक किया। उन्होंने बताया कि फलों को जल्दी पकाने के लिए गैर-मंजूरशुदा 'कैल्शियम कार्बाइड' का इस्तेमाल करना कानूनी रूप से एक संगीन अपराध है। यह कैमिकल इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है और इससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां फैलती हैं। अधिकारियों ने दोटूक चेतावनी दी कि अगर किसी भी स्टोर या रेहड़ी पर इस प्रतिबंधित कैमिकल का इस्तेमाल पाया गया, तो बिना किसी रियायत के सीधे केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि आज लिए गए सभी सैंपल सरकारी लैब की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए प्रोसेस किए जाएंगे।

भीषण गर्मी के मौसम और बीमारियों के खतरे को देखते हुए फूड सेफ्टी विभाग ने सब्जी और फलों की रेहड़ी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को भी विशेष हिदायत दी है। विभाग ने कहा है कि कोई भी दुकानदार रेहड़ी पर फलों को काट कर या पहले से कटे हुए फल खुले में न बेचे, क्योंकि तेज गर्मी में इनमें बैक्टीरिया पनपने और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा सौ गुना बढ़ जाता है। इसके साथ ही विभाग ने आम जनता को भी सतर्क करते हुए अपील की है कि वे हमेशा जागरूक नागरिक बनें और बाजार से केवल ताजे, साफ-सुथरे और ढके हुए फल व खाद्य पदार्थ ही खरीदें। अगर किसी को भी किसी खाने-पीने वाली चीज की शुद्धता या गुणवत्ता पर जरा सा भी शक हो, तो वे तुरंत इसकी सूचना फूड सेफ्टी विभाग को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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