Edited By Kalash,Updated: 13 May, 2026 11:08 AM

पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) ने बकाया बिजली बिलों को लेकर सरकारी विभागों और डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
लुधियाना (खुराना): पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) ने बकाया बिजली बिलों को लेकर सरकारी विभागों और डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अभियान के तहत विभाग ने 36 सरकारी कार्यालयों के बिजली कनैक्शन काट दिए हैं। जानकारी के अनुसार, पावरकॉम द्वारा सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर लगाए गए हैं और जिन विभागों ने समय पर बिजली बिल जमा नहीं करवाए, उनके कनैक्शन ऑटोमैटिक रूप से बंद कर दिए गए। इनमें कृषि विभाग के कार्यालय, पानी सप्लाई से जुड़े सरकारी ट्यूबवैल और कुछ पुलिस स्टेशन भी शामिल हैं। हालांकि, मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद पटियाला स्थित मुख्यालय के हस्तक्षेप से संबंधित विभागों को बकाया बिल जमा करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 मई तक भुगतान नहीं किया गया तो कनैक्शन दोबारा काट दिए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, पहले कई क्षेत्रों में सरकारी ट्यूबवैलों की बिजली कटने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसके बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके चलते अब संबंधित विभागों को अंतिम चेतावनी जारी की गई है। पावरकॉम अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूरे पंजाब में चल रही है और सरकारी विभाग करोड़ों रुपए के डिफॉल्टर हैं। अस्पतालों और कुछ आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी विभागों से बकाया वसूली की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि स्मार्ट मीटर प्रणाली के तहत अब उपभोक्ताओं को मोबाइल रिचार्ज की तरह बिजली रिचार्ज सुविधा दी जा रही है। रिचार्ज खत्म होने पर सप्लाई स्वतः बंद हो जाती है। साथ ही अब बिल की हार्ड कॉपी नहीं भेजी जाती, बल्कि मोबाइल और ईमेल के जरिए बिल की सूचना दी जाती है, जिसे समय पर जमा करना अनिवार्य है।
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