Edited By Vatika,Updated: 26 May, 2026 09:09 AM

पंजाब में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के चुनावों के लिए मतदान का काम सुबह 8
पंजाब डेस्कः पंजाब में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के चुनावों के लिए मतदान का काम सुबह 8 बजे से शुरू हो गया है। पोलिंग बूथों पर मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करने के लिए पहुंच रहे हैं। इन चुनावों में राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ कुल 7,555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
Live Updates:-
- वोटिंग से पहले वार्ड नंबर 3 में चली गोलियां, बठिंडा में चुनावी माहौल गर्म
बरनाला नगर निगम चुनावों के लिए आज 48 वार्डों में मतदान शुरू हो गया है। शहर के 50 वार्डों में से 48 वार्डों में वोटिंग हो रही है, जबकि 2 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इस बार चुनाव EVM की बजाय बैलेट पेपर के जरिए करवाए जा रहे हैं। 48 वार्डों में 95 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां 84,858 मतदाता 177 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

समराला म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव
समराला में 15 में से 12 वार्ड के लिए वोटिंग जारी है। शहर के 3 वार्ड 1, 4 और 12 में सभी विरोधी उम्मीदवारों के नॉमिनेशन कैंसिल होने की वजह से AAP उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े ही यहां से जीत चुके हैं। समराला में म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए समराला के कुल 12 वार्ड में वोटिंग होगी, जहां 8,792 पुरुष वोटर, 8,372 महिला वोटर और तीन अन्य समेत कुल 17,167 वोटर चुनाव में हिस्सा लेंगे। नगर परिषद चुनाव के लिए शुरू हुई वोटिंग में आसानी से, शांति से और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पोलिंग स्टेशनों और संवेदनशील जगहों पर काफ़ी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।
किस पार्टी के कितने उम्मीदवार
इन चुनावों में कुल 7,555 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें ‘आप’ के 1,802 उम्मीदवार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1,550, शिरोमणि अकाली दल के 1,251, भाजपा के 1,316, बसपा के 96 और 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि 13 उम्मीदवार अन्य पार्टियों से संबंध रखते हैं। इस संबंध में पंजाब सरकार ने 26 मई को सभी सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों और अदालतों में छुट्टी घोषित की है। वहीं पंजीकृत दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए विशेष छूट दी गई है।