Edited By Kalash,Updated: 22 Mar, 2026 05:21 PM

अमृतसर के मजीठा रोड निवासी प्रवीण कुमार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र भेजकर अपने भाई विनोद कुमार की आत्महत्या के मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
अमृतसर : अमृतसर के मजीठा रोड निवासी प्रवीण कुमार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र भेजकर अपने भाई विनोद कुमार की आत्महत्या के मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रवीण कुमार का आरोप है कि उनके 35 वर्षीय भाई विनोद कुमार को 13 जनवरी 2026 को सांस लेने में दिक्कत होने पर CHC लोपोके ले जाया गया था, लेकिन वहां डॉक्टरों और स्टाफ ने समय पर जरूरी मेडिकल जांच और उपचार नहीं किया।
पत्र में कहा गया है कि अस्पताल स्टाफ ने विनोद कुमार के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया, उन्हें बार-बार अस्पताल छोड़ने के लिए कहा गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया। परिवार का आरोप है कि इसी तनाव के चलते विनोद कुमार ने अस्पताल के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है, लेकिन परिजनों का कहना है कि यह मामला मेडिकल लापरवाही और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा है।
प्रवीण कुमार ने बताया कि इस संबंध में लोपोके थाना और एसएसपी अमृतसर (देहात) को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। उन्होंने जिला मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए उसे खारिज करने और नए स्वतंत्र हाई-पावर बोर्ड से जांच करवाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में प्रवीण कुमार ने मांग की है कि जैसे DM गगनदीप संधावा के मामले में कार्रवाई करते हुए कैबिनेट मिनिस्टर लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और PA को लेकर कार्रवाई करते हुए एफ.आई.आर. दर्ज की गई है वैसे ही इस मामले में अस्पताल स्टाफ और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ लापरवाही से मौत और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य सबूत सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
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