गगनदीप रंधावा मामले में सरकार पर जमकर बरसे बिक्रम मजीठिया, CBI जांच की रखी मांग

Edited By Kalash,Updated: 22 Mar, 2026 06:46 PM

gagandeep randhawa case bikram majithia demand cbi investigation

आम आदमी पार्टी के मंत्री और भगवंत मान के खास लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा पंजाब वेयरहाउस के जिला मैनेजर गगनदीप रंधावा को सिर्फ एक टेंडर के लिए प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के बाद, शिरोमणि अकाली दल, BJP और कांग्रेस के नेता आज हर तरफ...

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी के मंत्री और भगवंत मान के खास लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा पंजाब वेयरहाउस के जिला मैनेजर गगनदीप रंधावा को सिर्फ एक टेंडर के लिए प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के बाद, शिरोमणि अकाली दल, BJP और कांग्रेस के नेता आज हर तरफ से मंत्री की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव करने  के लिए विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर पंजाब BJP प्रेसिडेंट सुनील जाखड़, शिरोमणि अकाली दल के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा खास तौर पर मौजूद थे।

लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी के खिलाफ बड़े प्रोटेस्ट के दौरान पानी की बौछाड़ के बीच मीडिया से बात करते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी के एक मंत्री के गंभीर मामले में, जहां एक काबिल ऑफिसर को करप्शन और गैंगस्टर्स की धमकियों की वजह से मौत के मुंह में धकेल दिया गया हो, बेशक केस दर्ज किया गया है। सभी विपक्षी पार्टियों को, शिरोमणि अकाली दल, BJP और कांग्रेस को कल से ही इंसाफ के लिए एक होकर आवाज उठानी पड़ी। केस 21 मार्च को दर्ज होना था, लेकिन 22 मार्च को सुबह 1 बजे दर्ज हुआ और केस दर्ज करने में देरी सरकार की गंभीरता दिखाती है। उन्होंने कहा कि AAP सरकार के इस भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए विरोधी पार्टियां थाने पर बैठी थीं, तो सरकार और मंत्री ने ऐसे माहौल में अपनी पावर का इस्तेमाल करके थाने की लाइट काट दी और सोशल मीडिया पर लिखा कि मुझे हटाया नहीं गया बल्कि मैंने खुद इस्तीफा दे दिया है। 

मजीठिया कहा कि इतना घटिया और घिनौना काम करने के बाद भी लालजीत भुल्लर नैतिकता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियों के थाने और पीड़ित परिवार के घर पर धरना देने और सरकार पर दबाव बनाने के बाद भी कल रात केस दर्ज हुआ, लेकिन सरकार अभी भी मंत्री को गिरफ्तार नहीं करने दे रही है। जबकि पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर परिवार पर समझौता करने और अंतिम संस्कार करवाने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत शर्म की बात है कि परिवार को इंसाफ देने के बजाय कार्यकारी DGP गौरव यादव की लीडरशिप में पुलिस उन्हें समझौते के लिए धमकाने पर फोकस कर रही है। 

बिक्रम मजीठिया कहा कि जिनके पति, पिता और भाई गुजर गए हैं, उन्हें इंसाफ देने की बजाय पुलिस अपना काम ठीक से नहीं कर रही है और मंत्री को गिरफ़्तार करने की बजाय अभी भी परिवार को परेशान करने पर ध्यान दे रही है। जबकि आत्महत्या से पहले मृतक के हलफनामे के वीडियो में सब कुछ साफ है, लेकिन फिर भी विरोधी पार्टियों को इंसाफ के लिए परिवार के साथ प्रदर्शन करना पड़ रहा है, तो सरकार किस नैतिकता, ईमानदारी और कॉमन सेंस का दावा करती है? उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री इस भ्रष्ट और गुंडे मंत्री को पनाह भी नहीं दे रहे हैं, तो लालजीत भुल्लर, सुखदेव सिंह भुल्लर और उसके PA को तुरंत गिरफ़्तार कर जेल की सलाखों के पीछे डालना चाहिए कानून सभी के लिए एक होता है और इस मामले की जांच CBI को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पंजाब की हालत यह हो गई है आपदा के राज में  सभी विरोधी पार्टियां को पंजाब की इंसाफ की इस लड़ाई में एक साथ आया है, लेकिन खुद को आम आदमी कहने वालों की सरकार का घमंड नहीं टूट रहा है, लेकिन वे इंसाफ़ के लिए अपनी लड़ाई आखिर तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का पहले भी हर मामले में यही रवैया रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद विजय सिंगला करप्शन केस में गवाह बने थे, लेकिन उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। क्या सरकार अब इस सीधे मर्डर केस में अपने मंत्री को क्लीन चिट देने के लिए कोई "ऑपरेशन" चला रही है? उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के गुंडे मंत्री के दबाव में आत्महत्या करने पर मजबूर हुए एक काबिल अधिकारी को पहले तो मंत्री लाल जीत भुल्लर, सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके PA ने नंगा किया, टॉर्चर किया, पीटा, बेइज्जत किया और पिस्तौल की बट से सिर पर मारकर घायल कर दिया और यहीं नहीं रुका। मंत्री मृतक की दोनों बेटियों और उसकी पत्नी को यह कहकर धमकाते रहे कि आज किस रंग के कपड़े पहने हो और कहां गए हो। मंत्री को सब पता है और गैंगस्टरों के जरिए उन्हें गोली मरवा देंगे। और ऐसी घिनौनी हरकत से गगन रंधावा इतना डर गया कि जब वह गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से लड़ रहा था, तो उसने डॉक्टर का हाथ पकड़ लिया और कहा कि मेरी जान नहीं बचनी चाहिए, क्योंकि मेरी वजह से मेरे परिवार को खतरा है, तो मेरा मर जाना ही सही है। उन्होंने कहा कि आज उस सरकार, मुख्यमंत्री और उसके मंत्रियों की सख्त ईमानदारी और आम लोगों के होने का नकाब पूरी तरह से उतर गया है और इस घटना से साफ पता चल गया है कि इस सरकार के मंत्री कितने गुंडे और बदतमीज हैं। 

विपक्षी पार्टियों के विरोध प्रदर्शन में  शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के इक्कठ में मौजूद मृतक गगन रंधावा के भाई वीरेंद्र पाल सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हालांकि मुख्यमंत्री ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अगर वह सच्चे और ईमानदार मुख्यमंत्री हैं, तो उन्हें तुरंत उस मंत्री और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करके अंदर लाना चाहिए ताकि हम अपने भाई का अंतिम संस्कार पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारे भाई ने उस भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान दे दी लेकिन अब अगली लड़ाई हम उस लड़ाई को खत्म करवाने के लिए लड़ेंगे। 

उन्होंने कहा कि मंत्री को यह समझ लेना चाहिए कि हम झुकने वाले नहीं हैं और अगर आप इस मामले में गिरफ्तारी और कार्रवाई में जितनी देरी करते हैं, आप सोचते हैं कि आप हमें दबा देंगे और झुका देंगे, ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि परिवार इस बात पर राज़ी हो गया है कि जब तक हमारे भाई को मरने के लिए मजबूर करने वाले उस भ्रष्ट मंत्री को गिरफ़्तार नहीं किया जाता, हम गगन रंधावा का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जो हमेशा ईमानदारी की दुहाई देते हैं, आज अपनी ईमानदारी दिखाएं और हमें इंसाफ दें क्योंकि हमें इंसाफ पाने के लिए चंडीगढ़ तक आना पड़ा। लेकिन अगर हमें पहले इंसाफ मिल जाता, तो हम आज अपने भाई का अंतिम संस्कार कर रहे होते और यहां इंसाफ की लड़ाई नहीं लड़ रहे होते। उन्होंने बड़े इमोशन के साथ कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री दुहाई देते हैं कि अंग्रेज बाहर से आकर यहां नौकरी करेंगे और पंजाब के युवाओं से कहा जा रहा है कि विदेश मत जाओ, तुम्हें यहीं नौकरी मिल जाएगी, लेकिन जो लोग यहां पढ़कर और मेहनत करके नौकरी पा रहे हैं, आपके मंत्री गुंडों की तरह काम कर रहे हैं और उन्हें अपनी जान देने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल के नेता महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, शरणजीत सिंह ढिल्लों, हीरा सिंह गाबड़िया, एनके शर्मा, सरबजीत सिंह झिंजर, अर्शदीप सिंह कलेर, नछत्तर सिंह गिल व अन्य मौजूद थे।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!