जालंधर में अवैध निर्माणों पर विजिलेंस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, निगम से भी मांगे रिकॉर्ड, मचा हड़कंप

Edited By Urmila,Updated: 21 Mar, 2026 11:14 AM

vigilance action against illegal constructions in jalandhar

शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माण, कॉलोनियों और बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन से जुड़े मामलों में आज सख्ती दिखाई दी।

जालंधर (खुराना): शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माण, कॉलोनियों और बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन से जुड़े मामलों में आज सख्ती दिखाई दी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद चीफ विजिलैंस ऑफिसर कुलविंदर सिंह के नेतृत्व में चंडीगढ़ से आई विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक जांच अभियान चलाया। करीब 7 घंटे तक चली इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान टीम ने 100 से अधिक संदिग्ध निर्माणों, दुकानों और कॉलोनियों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और निगम से संबंधित रिकॉर्ड भी तलब कर लिया।

सुबह ही शहर पहुंची लोकल बॉडीज की विजिलेंस टीम ने अपनी जांच की शुरुआत मेरिटन होटल के पास से की, जहां काफी देर तक निर्माण संबंधी पहलुओं की जांच की गई। इसके बाद टीम ने ब्रांडरथ रोड, फुटबॉल चौक, नकोदर रोड, जेपी नगर, लेदर कॉम्प्लेक्स रोड और वरियाणा कॉम्प्लेक्स रोड सहित कई प्रमुख इलाकों का दौरा किया। ब्रांडरथ रोड पर डायमंड सिल्क स्टोर के समीप एक व्यावसायिक निर्माण, जबकि जेपी नगर रोड पर 50-60 से अधिक दुकानों के निर्माण को भी जांच के दायरे में लिया गया। फुटबॉल चौक पर भाटिया अस्पताल के निकट बनी कमर्शियल बिल्डिंग की भी जांच हुई । इस दौरान हड़कंप मच गया।

टीम ने लैदर कॉम्पलेक्स और वरियाणा कॉम्पलेक्स रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लेने के साथ-साथ बस्तियों के क्षेत्रों में विकसित हो रही कॉलोनियों में बन रही कोठियों की भी पड़ताल की। काला संघिया रोड के पास एक कॉलोनी में जारी निर्माण कार्य, नकोदर रोड पर एक बेकरी की इमारत, एम.एस. फार्म रोड पर बन रही अवैध दुकानों और बस्ती मिट्ठू रोड पर सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को भी टीम ने गंभीरता से जांचा।

इसके अलावा काला संघिया रोड पर दो दो मरले के छोटे प्लॉट्स पर करीब 30 कोठियों के निर्माण के मामले की भी जांच शुरू की गई, जहां एक ही डीलर द्वारा निर्माण कराए जाने की बात सामने आई है। होटल इंद्रप्रस्थ के पास बन रही एक कमर्शियल बिल्डिंग भी टीम के रडार पर रही, जिसका नक्शा कथित रूप से रिहायशी श्रेणी में पास कराया गया था।

जांच के दौरान शिकायकर्त्ता आर.टी.आई. एक्टिविस्ट करणप्रीत सिंह भी टीम के साथ मौजूद रहे, जिनकी शिकायतों के आधार पर ज्यादातर कार्रवाई की गई। टीम में चीफ विजिलेंस ऑफिसर कुलविंदर सिंह के अलावा वरिष्ठ विजिलेंस अधिकारी ए.टी.पी. नरेश, ए.टी.पी. विकास दुआ और बिल्डिंग इंस्पैक्टर गौरव भी शामिल थे। इस विजिलेंस टीम ने शाम करीब 5 बजे तक अपना अभियान जारी रखा। जांच के उपरांत विजिलेंस टीम ने बिल्डिंग विभाग से संबंधित सभी रिकॉर्ड चंडीगढ़ तलब कर लिए हैं।

कार्रवाई के बाद टीम ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर बी एंड आर शाखा के कुछ टैंडरों को लेकर भी चर्चा की। इससे पहले चीफ विजिलेंस ऑफिसर कुलविंदर सिंह ने नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि के साथ बैठक कर पूरे मामले पर विचार-विमर्श किया।

बताया जा रहा है कि अवैध निर्माण और कॉलोनियों को लेकर पहले से ही विजिलेंस विभाग को कई शिकायतें मिल रही थीं, जिनकी गंभीरता को देखते हुए यह विशेष जांच अभियान चलाया गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि अभी सी.वी.ओ ऑफिस में कई अवैध बिल्डिंगों की शिकायतें पेंडिंग हैं ।

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