Edited By Kamini,Updated: 13 Jul, 2026 12:32 PM

महानगर के सबसे व्यस्त और वीआईपी रूट माने जाने वाले फिरोजपुर रोड पर आज सुबह से ही भारी बवाल और महा-हंगामा देखने को मिल रहा है।
लुधियाना (राज): महानगर के सबसे व्यस्त और वीआईपी रूट माने जाने वाले फिरोजपुर रोड पर आज सुबह से ही भारी बवाल और महा-हंगामा देखने को मिल रहा है। करीब 3 साल पुराने एक जघन्य हत्याकांड को लेकर निहंग सिंहों ने कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर मुख्य फिरोजपुर रोड को दोनों तरफ से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। भारी संख्या में निहंग सिंह आज सुबह ठीक 10:00 बजे से अपने पारंपरिक शस्त्रों के साथ सड़क के बीचों-बीच दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए हैं। पिछले कई घंटों से सड़क के दोनों मुख्य हिस्से पूरी तरह बंद होने के कारण हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है और मीलों लंबा गाड़ियों का जाम लग गया है, जिससे आम राहगीरों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
3 साल पुराने 'निहंग फतेहवीर सिंह हत्याकांड' की आग, इंसाफ के लिए तरसे परिजन
धरने पर बैठे निहंग सिंहों और प्रदर्शनकारियों ने खाकी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि यह रोष प्रदर्शन किसी छोटी बात पर नहीं, बल्कि एक कत्ल मामले को दबाने के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि करीब 3 साल पहले निहंग फतेहवीर सिंह की कुछ शातिर अपराधियों ने दिन-दिहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी थी। जिसका अभी तक इंसाफ नहीं मिला।

"आरोपी सरेआम घूम रहे हैं
रोष जता रहे प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि इस अंधे कत्ल और संगीन मामले में पिछले 3 सालों में कोई भी ठोस कानूनी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। मामले के मुख्य नामजद आरोपी और साज़िशकर्ता आज भी खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं, जबकि पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी तमाशा देख रही है।
मजबूरी में उठाना पड़ा 'चक्का जाम' का आत्मघाती कदम; शहर की लाइफलाइन ब्लॉक
निहंग सिंहों के मुताबिक, वे पिछले 36 महीनों से इंसाफ की भीख मांगने के लिए पुलिस कमिश्नर दफ्तर से लेकर डीसी दफ्तर और स्थानीय थानों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। हर बार उन्हें सिर्फ खोखले आश्वासनों का लॉलीपॉप थमा दिया गया। इसी ढुलमुल रवैये और तानाशाही से तंग आकर आज उन्हें मजबूरन लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सामने सड़कों पर उतरकर 'चक्का जाम' करने का यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है।
निहंगों का अल्टीमेटम— "कातिल जाएंगे सलाखों के पीछे, तभी खुलेगा फिरोजपुर रोड"
मौके पर भारी तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल और आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और निहंग सिंहों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन मौके पर मौजूद निहंग सिंहों ने दोटूक शब्दों में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक पुलिस विभाग लिखित रूप में इस मामले में तुरंत ठोस और समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा नहीं देता और फतेहवीर सिंह के हत्यारों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं धकेलता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना और चक्का जाम इसी तरह पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि चाहे जो हो जाए, वे इंसाफ लिए बिना यहा से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
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