दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' पर सियासी संग्राम, बिट्टू ने दी चुनौती तो लालपुरा ने दिया करारा जवाब

Edited By Vatika,Updated: 13 Jul, 2026 09:24 AM

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केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि फिल्म 'सतलुज' के निर्माता और ..

चंडीगढ़: केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि फिल्म 'सतलुज' के निर्माता और निर्देशक 'रचनात्मक स्वतंत्रता' की आड़ लेकर विवादित दावों को स्थापित इतिहास के रूप में प्रस्तुत नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पंजाब का दर्दनाक इतिहास कोई ऐसी पटकथा नहीं है, जिसे किसी विशेष विचारधारा या पूर्वाग्रह के अनुरूप चुनिंदा तरीके से पेश किया जाए।

संवैधानिक और कानूनी विकल्पों पर करेंगे विचार 
बिट्टू ने कहा कि वह फिल्म के निर्माता और निर्देशक को खुली चुनौती देते हैं कि वे पंजाब की जनता के सामने वे सभी दस्तावेजी साक्ष्य, सरकारी रिकॉर्ड, न्यायिक निष्कर्ष और प्रमाणित आंकड़े प्रस्तुत करें, जिनके आधार पर फिल्म में 25,000 लोगों के लापता होने या अवैध रूप से अंतिम संस्कार किए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माता इस दावे को विश्वसनीय और प्रमाणित साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध करने में असफल रहते हैं, तो उन्हें पंजाब की जनता के सामने स्पष्ट रूप से स्वीकार करना चाहिए कि यह संख्या आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं है। अन्यथा वे इस मामले में संवैधानिक और कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि यदि यह आंकड़ा केवल अनुमान या आरोप पर आधारित है, तो इसे फिल्म में निर्विवाद ऐतिहासिक सत्य के रूप में क्यों प्रस्तुत किया गया? दर्शकों को यह क्यों नहीं बताया गया कि इस संख्या की पुष्टि किसी अंतिम न्यायिक फैसले से नहीं हुई है? उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में आतंकवाद के दौर के इतिहास को एकतरफा तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आतंकवादियों के हाथों मारे गए आम नागरिकों, निर्दोष हिंदुओं, बस यात्रियों, दुकानदारों, सरकारी कर्मचारियों और मजदूरों के नरसंहार को उसी गंभीरता और व्यापकता से क्यों नहीं दर्शाया गया।

BJP नेता लालपुरा ने दी प्रतिक्रिया
वहीं, भाजपा नेता एवं भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पूर्व अधिकारी एस.एस. लालपुरा ने बिट्टू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर किसी को अपनी सीमा में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जसवंत खालरा, जिनके जीवन पर यह फिल्म आधारित है, ने 25,000 लोगों के गायब होने की बात कही थी, तब उन्होंने एक गंभीर मुद्दा उठाया था। लालपुरा ने दावा किया कि इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी तथ्यों पर संज्ञान लिया था। उन्होंने कहा कि यदि बिट्टू को इस संबंध में आंकड़े चाहिए, तो वे NHRC से प्राप्त कर सकते हैं।

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