Edited By Urmila,Updated: 12 Jul, 2026 02:09 PM

केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आगामी फिल्म 'सतलुज' को लेकर फिल्म निर्माताओं पर सवाल उठाते हुए उनसे फिल्म में किए गए कुछ दावों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की है।
पंजाब डेस्क : केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आगामी फिल्म 'सतलुज' को लेकर फिल्म निर्माताओं पर सवाल उठाते हुए उनसे फिल्म में किए गए कुछ दावों के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म में दिखाए गए तथ्यों के पर्याप्त सबूत नहीं हैं, तो दर्शकों के सामने उन्हें ऐतिहासिक सत्य के रूप में पेश करना उचित नहीं है।
बिट्टू ने विशेष तौर पर फिल्म में कथित तौर पर दर्शाए गए 25 हजार लापता या अवैध रूप से दाह-संस्कार किए गए शवों के दावे पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि यदि इस आंकड़े के समर्थन में आधिकारिक रिकॉर्ड या ठोस दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसे प्रमाण सामने आते हैं तो वह सार्वजनिक रूप से अपनी बात वापस लेने और माफी मांगने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि इतिहास से जुड़े विवादित मामलों को बिना ठोस सबूत के दिखाना सही नहीं है। उनके मुताबिक, पंजाब के आतंकवाद के दौर की कहानी दिखाते समय सभी पक्षों को बराबर जगह मिलनी चाहिए। बिट्टू ने कहा कि फिल्म में आतंकवाद का सिर्फ एक पक्ष दिखाया गया है, जबकि निर्दोष हिंदुओं, बस यात्रियों, दुकानदारों, सरकारी कर्मचारियों और मजदूरों की हत्याओं को उतनी अहमियत नहीं दी गई, जितनी दी जानी चाहिए थी।
बिट्टू ने यह भी सवाल उठाया कि फिल्म में आतंकवाद के दौरान मारे गए निर्दोष लोगों, आम नागरिकों और शहीद पुलिस व सुरक्षा बलों के जवानों के बलिदान को कितना दिखाया गया है। उनका कहना है कि उस दौर के हर पीड़ित को बराबर सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने फिल्म मेकर्स से कहा कि अगर उनके पास 25 हजार शवों के दावे के सबूत हैं तो उन्हें सामने लाएं। अगर सबूत नहीं हैं, तो इस दावे पर पंजाब के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here