कांग्रेस हाईकमान के आगे नरम पड़ा चन्नी गुट, तीसरी बैठक के बाद बदले नेताओं के सुर

Edited By Kamini,Updated: 09 Jul, 2026 01:53 PM

channi faction softened before the high command

पंजाब कांग्रेस में बगावत के स्वर उठ रहे हैं। कांग्रेस में अंदरूनी कलह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।

पंजाब डेस्क: पंजाब कांग्रेस में बगावत के स्वर उठ रहे हैं। कांग्रेस में अंदरूनी कलह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक  कांग्रेस हाईकमान के किनारा करने के बाद चन्नी गुट झुकता हुआ नजर आ रहा है। सांसद सुखजिंदर रंधावा, विधायक राणा गुरजीत और विधायक प्रगट सिंह ने अपने बोल बदल दिए है और अब वह  AICC प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात करके अपने पक्ष रखने को तैयार हो गए हैं। इन सभी नेताओं का कहना है कि, उनकी किसी से भी कोई नाराजगी नहीं है। सांसद रंधावा ने कहा कि, कांग्रेस में सब ठीक चल रहा है।

बताया जा रहा है कि बागी तेवर दिखा रहे पूर्व सीएम और जालंधर के MP चरणजीत सिंह चन्नी को साइडलाइन कर दिया था। दरअसल, सांसद चरणजीत चन्नी दिल्ली जाकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और नेशनल प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करना चाहते थे लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। इसके बाद हाईकमान से मुलाकत का समय न मिलने के बाद चरणजीत चन्नी के गुट ने आज चंडीगढ़ में विधायक राणा गुरजीत के घर पर तीसरी मीटिंग की। इस दौरान मीटिंग में चरणजीत सिंह चन्नी, भारत भूषण आशु, सुखजिंदर सिंह रंधावा और कई अन्य नेता भी शामिल हुए। राणा गुरजीत के घर पर यह मीटिंग करीब एक घंटे तक चली। मीटिंग के बाद चन्नी गुट के सुर नरम पड़ते दिखे रहे हैं। 

कांग्रेस में सब ठीक 

मीटिंग के बाद बाहर आकर राणा गुरजीत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मेरी बघेल साहब से कोई मीटिंग या फोन पर ज्यादा बातचीत नहीं हुई। हमारी सिर्फ सेक्रेटरी सूरज ठाकुर से बात हुई है। कांग्रेस में सब ठीक चल रहा है। हाईकमान से कोई ऊपर नहीं है। राजा वड़िंग के पंजाब प्रधान बनने को लेकर  राणा गुरजीत ने कहा कि, यह हमारा अंदरूनी मामला है और आप मुझ पर कुछ भी थोप नहीं सकते। उन्होंने कहा कि कोई भी हाईकमान को छोड़कर नहीं जा रहा है और समय आने पर सब ठीक हो जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष को लेकर प्रभारी भूपेश बघेल पहले ही कर चुके साफ

पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंदरूनी विवाद के बीच पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि "प्रदेश अध्यक्ष बदलना कोई गुड्डे-गुड़िया का खेल नहीं है।" पंजाब कांग्रेस के 23 जिला अध्यक्ष पहले ही राजा वड़िंग के नाम पर अपनी सहमति दे चुके हैं। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर किसी भी तरह के बदलाव की न तो जरूरत है और न ही कोई गुंजाइश। 

वहीं आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के गुट से जुड़े कई नेताओं ने  AICC भूपेश बघेल द्वारा बुलाई जा रही बैठकों से दूरी बना रखी है। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और उनके समर्थक 6 से 7 विधायक इन बैठकों में शामिल नहीं हुए। इसके अलावा चन्नी गुट के कुछ अन्य नेताओं ने भी बैठकों से दूरी बनाए रखी। भूपेश बघेल ने पार्टी में अनुशासन का संदेश देते हुए कहा कि कोई भी नेता अपनी "लक्ष्मण रेखा" पार न करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई नेता पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भूपेश बघेल के इस सख्त रुख को पंजाब कांग्रेस में चल रहे विवाद को शांत करने और पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान के बाद चन्नी गुट अपना रुख बदलता है या पार्टी के भीतर की नाराजगी आगे भी जारी रहती है।

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