Edited By Kamini,Updated: 11 Jul, 2026 12:52 PM

जाब कांग्रेस में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है।
पंजाब डेस्क : पंजाब कांग्रेस में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच आज पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट की पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के साथ अहम बैठक हो रही है। हालांकि बैठक सुबह 11 बजे तय थी, लेकिन भूपेश बघेल के निर्धारित समय से सवा घंटे बाद पहुंचने से राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं। आपको बता दें कि यह बैठक राणा गुरजीत के घर पर चल रही है। इस दौरान चन्नी गुट के नेता बैठक में इकट्ठा हुए हैं। कांग्रेस हाईकमान ने चन्नी को 2-3 नेताओं के साथ मिलने को कहा था लेकि बैठक में चन्नी गुट के करीब 80 नेता यहां पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।
पंजाब कांग्रेस की इस अहम बैठक में शामिल होने के लिए सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी राणा गुरजीत सिंह के घर पहुंचे हैं। आज चल रही इस बैठक पर कांग्रेस नेताओं और राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि यदि बैठक में सहमति बनती है तो यह पंजाब कांग्रेस के लिए बड़ी राहत होगी और पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर फोकस कर सकेगी। वहीं, यदि बैठक के बाद भी नाराजगी बनी रहती है तो यह संकेत होगा कि पार्टी का अंदरूनी विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
बैठक से पहले चन्नी का बयान
बैठक स्थल पर पहुंचे चरणजीत चन्नी ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि सभी मुद्दों पर अंदर बैठकर चर्चा की जाएगी और आगे की रणनीति उसी के बाद तय होगी। उनके बयान को पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक से पहले चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "हमारा स्टैंड बिल्कुल साफ है। पहले तेल देखेंगे, फिर तेल की धार देखेंगे। उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।" पहले बैठक का नतीजा देखा जाएगा और उसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जानें क्या बोले विधायक परगट सिंह
मीटिंग से पहले बात करते हुए कांग्रेस MLA परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि आइडियोलॉजिकल डिफ़रेंस होना कोई बुरी बात नहीं है, कांग्रेस पार्टी सबको अपनी बात कहने का मौका देती है, जबकि दूसरी पार्टियों में डिक्टेटरशिप है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी में किसी को कोई प्रॉब्लम है, तो हम सब मिलकर उसका सॉल्यूशन निकालेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज की मीटिंग में सॉल्यूशन जरूर निकलेगा।
हाईकमान का फैसला नहीं बदलेगा-भूपेश बघेल
आपको बता दें कि, भूपेश बघेल ने अपने दौरे के दौरान कई बार स्पष्ट किया कि हाईकमान का फैसला नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा कि नेतृत्व कोई 'गुड़्डे-गुड़ियों का खेल' नहीं है और जिन नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं, वे अपने पदों पर बने रहेंगे। उनके इस बयान को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों का सीधा जवाब माना गया। इसके बावजूद चन्नी गुट अपने रुख पर कायम रहा। जानकारी के अनुसार, भूपेश बघेल से मुलाकात के लिए चन्नी गुट की ओर से 2 शर्तें रखी गईं। पहली, बैठक पंजाब कांग्रेस कार्यालय में नहीं होगी और दूसरी, राजा वड़िंग की मौजूदगी में बैठक नहीं की जाएगी। इन शर्तों से साफ संकेत मिलता है कि पार्टी के भीतर मतभेद केवल पदों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आपसी भरोसे का संकट भी गहराता नजर आ रहा है।
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