हाईकमान के फैसले से नाराज पूर्व CM चन्नी ने खोला मोर्चा, समर्थकों संग बड़ी रणनीतिक बैठक जारी, कई दिग्गज शामिल

Edited By Vatika,Updated: 03 Jul, 2026 02:31 PM

upset over not being appointed state chief channi stages a show of strength

पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर उठे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह

पंजाब डेस्क: पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर उठे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर समर्थक नेताओं की इमरजेंसी बैठक बुलाकर सियासी हलचल तेज कर दी है। इस बैठक को चन्नी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें कई मौजूदा और पूर्व विधायक सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं।

बैठक में मौजूद है ये नेता 
सूत्रों के मुताबिक, चन्नी ने बैठक में 3 सांसदों, 12 विधायकों (MLA) और करीब 40 पूर्व विधायकों व 2022 विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को आमंत्रित किया है। बैठक में पार्टी की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। चन्नी के बुलावे पर विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा सबसे पहले बैठक में पहुंचे। इसके अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, गुरकीरत सिंह कोटली, पूर्व विधायक गुरप्रीत कांगड़, नाजर सिंह मानशाहिया, दविंदर सिंह घुबाया, इंद्रबीर सिंह बुलारिया, लखबीर सिंह लक्खा, तरसेम डीसी, दर्शन बराड़, हरमिंदर सिंह गिल, मदन लाल जलालपुर, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों, कमलजीत कड़वल और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक भी चन्नी के आवास पर पहुंच चुके हैं। 
 
पंजाब में कांग्रेस के लिए सरकार बनाना मुश्किल
बैठक में शामिल पूर्व विधायक दर्शन बराड़ ने स्पष्ट कहा कि यदि चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो पंजाब में कांग्रेस के लिए सरकार बनाना मुश्किल होगा। उनके इस बयान ने पार्टी के अंदर जारी असंतोष को और उजागर कर दिया है। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के चयन से पहले चर्चा थी कि चन्नी का नाम लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि अंतिम समय में पार्टी हाईकमान ने फैसला बदलते हुए लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का निर्णय लिया। वहीं, चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया, जिस कारण  चन्नी बेहद नाराज हैं। उन्होंने नियुक्ति के बाद पार्टी हाईकमान का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी नहीं दिया। चन्नी के एक करीबी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री इस फैसले से बेहद खफा हैं और अब उन्होंने अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने का मन बना लिया है। माना जा रहा है कि मोरिंडा में बुलाई गई यह बैठक भी उसी रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह पार्टी नेतृत्व को अपने समर्थन का संदेश देना चाहते हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!