किताबों की मनमानी कीमतों पर PSEB का बड़ा एक्शन, छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 01 Jul, 2026 06:41 PM

pseb takes major action against arbitrary book prices

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक किफायती बनाने, असली पाठ्य-पुस्तकों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने और किताब विक्रेताओं द्वारा की जाने वाली अत्यधिक वसूली को समाप्त करने के उद्देश्य से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने एक ऐतिहासिक पहल की है।

​मोहाली, (नियामियां):   गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक किफायती बनाने, असली पाठ्य-पुस्तकों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने और किताब विक्रेताओं द्वारा की जाने वाली अत्यधिक वसूली को समाप्त करने के उद्देश्य से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने एक ऐतिहासिक पहल की है। बोर्ड द्वारा PSEB द्वारा तैयार और छापी गई किताबों के ऑनलाइन ऑर्डर के लिए ‘PSEB पुस्तक पोर्टल’ लॉन्च किया गया है।  

​पी.एस.ई.बी. के अध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह (सेवानिवृत्त IAS) ने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड किताबों की बिक्री और डिलीवरी के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल शुरू करने वाला देश का पहला शिक्षा बोर्ड बन गया है। ​इस पोर्टल के माध्यम से पंजाब भर के 12 लाख से अधिक छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। छात्रों को असली PSEB पाठ्य-पुस्तकों पर फ्लैट 15% की छूट दी जा रही है, जिससे छात्रों और अभिभावकों की सालाना लगभग 2.15 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।  

​छात्र, अभिभावक और स्कूल सीधे पोर्टल के माध्यम से ऑर्डर दे सकते हैं। स्कूल केवल किताबों के वितरण में सहायता करेंगे और बोर्ड द्वारा निर्धारित दरों से अधिक एक भी रुपया नहीं वसूल सकेंगे, जिससे निजी किताब विक्रेताओं द्वारा की जाने वाली मनमानी और लूट-खसूट बंद होगी।  

​बोर्ड ने पंजाबी, अंग्रेजी और हिंदी माध्यम में 361 पाठ्य-पुस्तकों की कुल 2.25 करोड़ किताबें छापी हैं। किताबों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पंजाब भर में 97 डिलीवरी/पिक-अप केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से किताबें लेने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। इसके अलावा छात्र PSEB के जिला कार्यालयों से भी सीधे जाकर 15% छूट के साथ किताबें प्राप्त कर सकते हैं।  

​घर बैठे किताबें मंगवाने के लिए, बोर्ड ने भारतीय डाक (India Post) के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत “ज्ञान पोस्ट योजना” शुरू की गई है। इस योजना के तहत 5 किलोग्राम तक के पार्सल की डिलीवरी के लिए विशेष रियायती दरें निर्धारित की गई हैं, जो कि 20 रुपये से लेकर अधिकतम 100 रुपये तक हैं।  

​सरकारी स्कूलों के छात्रों को राज्य सरकार द्वारा पहले ही मुफ्त किताबें मुहैया करवाई जाती हैं और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ये किताबें पहले ही सरकारी स्कूलों में पहुंचाई जा चुकी हैं। बोर्ड की इस पहल से असली किताबों की समय पर डिलीवरी, वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और राज्य भर के छात्रों व अभिभावकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। 

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