Edited By VANSH Sharma,Updated: 23 Jun, 2026 09:09 PM

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है।
पंजाब डेस्क: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। गुरुग्राम पुलिस ने वीडियो को फर्जी बताने वाली कथित फॉरेंसिक रिपोर्ट के मामले में FIR दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि मुख्यमंत्री से जुड़े वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए पैसों के बदले नकली रिपोर्ट तैयार करवाई गई थी। इस खुलासे के बाद मामला राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी रूप से भी और गंभीर हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, बेअदबी से जुड़े विवाद के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक कथित वीडियो सामने आया था, जिसे लेकर पंजाब की राजनीति और धार्मिक हलकों में काफी विवाद खड़ा हो गया था। उस समय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो को फर्जी बताया था और कहा था कि इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए दो अलग-अलग एजेंसियों से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि जांच रिपोर्ट अकाल तख्त को भेजी जाएगी।
अब इसी मामले में गुरुग्राम पुलिस का दावा है कि वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई गई। आरोप है कि इस काम के लिए करीब 10 लाख रुपये की डील हुई थी। पुलिस ने इस मामले में अंकित और अरुण महेंद्रू नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अंकित जींद का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि अरुण महेंद्रू सिरसा का निवासी है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी कांट्रैक्ट बेस पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट के तौर पर काम करते थे। इनकी रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति की शारीरिक बनावट और चेहरे की बनावट मुख्यमंत्री भगवंत मान से मेल नहीं खाती। आरोप है कि इस रिपोर्ट को तैयार करने के बदले दोनों ने 50-50 हजार रुपये लिए थे।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े 39 सेकेंड के इस कथित वीडियो को लेकर पहले ही पंजाब में सियासी और धार्मिक विवाद छिड़ चुका था। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी की ओर से पहले दो फॉरेंसिक लैब की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया था कि वीडियो में दिखाई दे रहा शख्स मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं हैं। वहीं, जब अकाल तख्त ने इस मामले में मुख्यमंत्री को तलब किया था, तब भी उन्होंने वीडियो को फेक बताया था और कहा था कि इसकी जांच दो अलग-अलग एजेंसियों से करवाई जाएगी।
दूसरी तरफ, अकाल तख्त ने इससे पहले दो केंद्रीय फॉरेंसिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया था कि वीडियो वास्तविक है और यह AI के जरिए तैयार नहीं किया गया। ऐसे में अब गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला और उलझता नजर आ रहा है।
गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया, डिजिटल सबूतों या फॉरेंसिक जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस केस में और भी खुलासे हो सकते हैं।
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